लोकसभा का नेता चुनना यूपीए के लिए चुनौती

Last Updated: Sunday, July 22, 2012 - 14:28

ज़ी न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली : कांग्रेस और यूपीए सरकार के संकटमोचक की भूमिका निभाते रहे प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति भवन जाना तय हो जाने के बाद लोकसभा के नेता के लिए चल रहे नामों में ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे का नाम सबसे आगे चल रहा था। लेकिन एनसीपी प्रमुख और यूपीए सरकार में वरिष्ठ मंत्री शरद पवार को यह मंजूर नहीं कि महाराष्ट्र के किसी और नेता को उनसे ज्यादा अहमियत मिले। कहने का मतलब यह कि मंत्रिमंडल में वरीयता क्रम को लेकर विवाद बढ़ने के बाद लोकसभा का अगला नेता तय करने की प्रक्रिया में भी पेंच फंस गया है।
संसद का मानसून सत्र 8 अगस्त से शुरू हो रहा है और इस बारे में इससे पहले हर हाल में निर्णय लेना होगा। शिंदे के नाम पर पवार की आपत्ति के बाद नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है। यूपीए सरकार में शामिल टीआर बालू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से लोकसभा का नेता बनने का आग्रह किया है।
लोकसभा के नेता के चयन को लेकर कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई। वरीयता के आधार पर सुशील कुमार शिंदे, गृह मंत्री पी. चिदंबरम, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी, शहरी विकास मंत्री कमलनाथ तथा मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल लोकसभा का नेता बनने की होड़ में दिख रहे हैं। अनुभव के लिहाज से चिदंबरम इस पद के लिए सबसे आगे निकल सकते हैं लेकिन उनके नाम पर संकट यह है कि उनके अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ मुखर्जी जैसे संबंध नहीं रहे हैं। खासतौर पर प्रमुख विपक्षी दल भाजपा तो पहले से ही 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर उनके पीछे हाथ धोकर पड़ी है।



First Published: Sunday, July 22, 2012 - 14:28


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