‘आम राय न बनने तक NCTC पर रोक लगे’

Last Updated: Wednesday, February 22, 2012 - 15:53

नई दिल्‍ली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी केंद्र (एनसीटीसी) के गठन पर तब तक रोक लगा दी जाए जब तक इस पर राज्यों में आमराय नहीं बन जाती। ममता बनर्जी ने एनसीटीसी पर बुधवार को प्रधानमंत्री से बातचीत की।

 

ममता ने कहा कि एनसीटीसी से संघीय ढांचे पर प्रहार होगा। बातचीत और आमराय न बनने तक इस पर रोक लगाई जाए। उन्‍होंने यह भी सवाल उठाया कि साल 2001 का सुझाव था तो फिर अभी इस पर अमल क्‍यों किया जा रहा है।

 

वहीं, यानी एनसीटीसी के गठन को स्थगित किए जाने के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आग्रह पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज गृह मंत्री पी. चिदंबरम से कहा कि इस मामले में वह राज्य सरकारों की चिंताओं पर ध्यान दें। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति में बताया गया कि इस मुद्दे पर ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री से उनके निवास पर मुलाकात के समय सिंह की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि चिदंबरम से आग्रह किया गया है कि वह इस संबंध में राज्य सरकारों की चिंताओं का समाधान करें।

 

कई गैर कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सुर में सुर मिलाते हुए ममता ने प्रधानमंत्री से कहा कि एनसीटीसी के गठन को आम राय बनने तक स्थगित रखा जाए। प्रधानमंत्री से भेंट के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि जब तक राज्य सरकारों से विचार-विमर्श पूरा नहीं हो जाता या कोई आम राय नहीं बन जाती एनसीटीसी के गठन संबंधी शासकीय आदेश को लागू नहीं किया जाए। आतंकवाद के मुद्दे पर ममता ने कहा कि  हम आतंकवाद के खिलाफ हैं। हम आतंकवाद के विरुद्ध लड़ रहे हैं। लेकिन केन्द्र और राज्य अगर मिल कर ऐसा करें तो कोई भ्रांति पैदा नहीं होगी।

 

प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार ममता ने सिंह से एनसीटीसी के अलावा फरक्का बांध रिसाव और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन विधेयक पर राष्ट्रपति की मंजूरी के मुद्दों पर भी चर्चा की। इसके अनुसार प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि फरक्का बांध के रिसाव को मार्च 2012 तक बंद कर दिया जाएगा।

 

गोरखालैंड संबंधी मुद्दे पर सिंह ने उनसे कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों द्वारा इस विषय पर उठाए गए कुछ मुद्दों के आलोक में गृह मंत्रालय गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन विधेयक मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विधेयक की सारी प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी कर ली जाएगी।

(एजेंसी)



First Published: Thursday, February 23, 2012 - 15:47


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