कड़वे नीम के ढेरों लाभ

Last Updated: Thursday, March 28, 2013 - 17:30

ज़ी न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली: आयुर्वेद में नीम की बड़ी महिमा गाई गई है। इस वृक्ष के ढेरों औषधीय गुण हैं। पौराणिक काल से ही नीम का उपयोग कई बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। आज भी बहुत सी ऐसी दवाइयां हैं जिनमें नीम के पत्तों का रस, नीम के पेड़ के दूसरों हिस्सों का इस्तेमाल होता है। नीम के पेड़ की छांव की तो बात ही कुछ और है क्योंकि यह उन वृक्षों में शुमार होता है जो सबसे ज्यादा वातावरण में ऑक्सीजन प्रदान करता है।
नीम के यूं तो ढेरों लाभ है। नीम की पत्तियों का लेप हर प्रकार के चर्म रोग को दूर करता है। नीम की पत्तियों को पीस कर उसे चेहरे पर लेप करने से फुंसियां और मुहांसे मिट जाते हैं।
नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर तथा ठंडा करके उस पानी से मुंह धोने से मुहांसे दूर होते हैं। नीम का दातून करने से दांत चमकदार और मसूढ़े स्वस्थ होते हैं।
नीम की पत्तियों का रस पीने से खून साफ होता है होता है और चेहरे की कांति बढ़ती है। दो भाग नीम की पत्तियों का रस और एक भाग शहद मिलाकर पीने से पीलिया रोग में काफी फायदा होता है। नीम की सूखी पत्तियों को जलाने से उत्पन्न धुएँ से मच्छर भाग जाते हैं।
नीम की पत्तियों को बारीक पीसकर इनका रस निकालकर एक गिलास हफ्ते में दो दिन पीने से पेट की बीमारियां नहीं होंगी। नीम के हरे पत्ते एवं काली मिर्च को लगभग दस दिनों तक फांकने से जुकाम व कफ दूर हो जाता है।
दमा के रोगियों के लिए भी नीम बहुत लाभकारी होता है। नीम के पेड़ के तने से निकलने वाले रस को पीने से दमा ठीक हो जाता है। नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे का सौन्दर्य बढ़ता है।



First Published: Thursday, March 28, 2013 - 17:30


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