खर्राटे से हृदयरोग का खतरा

खर्राटे लेने वालों में मोटे, धूम्रपान के आदी या अत्यधिक कोलस्टेरोल वाले व्यक्तियों की अपेक्षा हृदय रोग का खतरा ज्यादा होता है।

अंतिम अपडेट: सोमवार जनवरी 28, 2013 - 06:05 PM IST

वाशिंगटन : खर्राटे लेने वालों में मोटे, धूम्रपान के आदी या अत्यधिक कोलस्टेरोल वाले व्यक्तियों की अपेक्षा हृदय रोग का खतरा ज्यादा होता है। यह जानकारी एक नए अध्ययन से सामने आई है। मस्तिष्क में आक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाने वाले दो बड़े रक्त नलिकाओं के संकरे हो जाने की वजह से लोगों को खर्राटे की शिकायत शुरू होती है। इससे धमनी और हृदय सम्बंधित कई बीमारियों की पैदा होती हैं।
`द लैरीनगोस्कोप` में छपी खबर के मुताबिक डेट्रायट स्थित `हेनरी फोर्ड हॉस्पीटल` के चिकित्सक राबर्ट डीब ने कहा, "खर्राटे नींद के समय परेशान करने वाली चीज से कहीं बढ़ कर है और इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। मरीजों को उसी तरह इसका इलाज कराने की जरुरत होती है जैसे कि नींद में स्वसन सम्बंधी समस्या, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग के लक्षण उत्पन्न होने पर करते।"
चिकित्सक का मानना है कि नींद सम्बंधी एक अन्य बीमारी `ऑब्सट्रक्टिव स्लीफ एपनिया` भी हृदयरोग के लिए जिम्मेदार होती हैं लेकिन इस हृदय सम्बंधी बीमारी के पीछे असली वजह खर्राटे हैं।
इस अध्ययन से पहले ऐसे काफी कम जानकारियां सामने आई थीं जो खर्राटे और हृदयरोग के बीच सम्बंध को साबित करती हों। डीब और इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक ने शोध के लिए ने 913 मरीजों को शामिल किया था। (एजेंसी)