ब्राइट है टीम इंडिया का फ्यूचर

By Ramanuj Singh | Last Updated: Sunday, June 22, 2014 - 13:57
 
Ramanuj Singh  

2015 वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, गौतम गंभीर समेत कई सीनियर खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम को बाय-बाय बोल सकते हैं। ऐसे में सितारों से सजी मजबूत टीम इंडिया अपनी ताकत खो सकती है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस विश्व विजेता टीम को कई नए सूरमा मिल गए हैं जो भविष्य की टीम इंडिया को चैंपियन बनाए रखने में अपने बेमिसाल हुनर का जौहर दिखाने कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। इसकी झांकी हाल के बांग्लादेश दौरे पर देखने को मिली।

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, उपकप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा समेत 7 प्रमुख खिलाड़ियों के बिना टीम इंडिया को बांग्लादेश दौरे के लिए रवाना किया गया। जहां टीम इंडिया ने मशहूर खिलाड़ियों के बिना बांग्लादेश के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली। इन नए सूरमाओं ने भारतीय क्रिकेट फैंस को निराश नहीं किया और बांग्लादेश को उसकी जमी पर धूल चटाते हुए 2-0 से सीरीज पर कब्जा कर लिया।
 
बांग्लादेश दौरे पर सुरेश रैना की कप्तानी में रोबिन उथप्पा, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, अंबाती रायुडू, ऋद्धिमान साहा, अक्षर पटेल, अमित मिश्रा, मोहित शर्मा, उमेश यादव, परवेज रसूल और स्टुअर्ट बिन्नी ने जो करिश्मा दिखाया उससे यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि टीम इंडिया का फ्यूचर ब्राइट है।

अपने करियर का तीसरा मैच खेल रहे ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने तो कमाल ही कर दिया। वे इस सीरीज के दूसरे मैच में अनिल कुंबले के 21 साल पुराने रिकॉर्ड तोड़कर गेंदबाजी में दुनिया के टॉप 10 में शामिल हो गए। बिन्नी ने 4 रन देकर 10 विकेट हासिल किए। बिन्नी के उम्दा प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने महज 105 रन बनाने के बावजूद मैच जीतकर सीरीज भी कब्जा कर लिया। कुंबले ने 1993 में हीरो कप फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ 12 रन देकर 6 विकेट लिए थे। गेंदबाज स्टुअर्ट बिन्नी के अलावे मोहित शर्मा, उमेश यादव, परवेज रसूल, अक्षर पटेल ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
 
बारिश के चलते तीसरा और आखिर वनडे मैच रद्द करना पड़ा। दूसरा वनडे बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह साबित हुआ और पूरी टीम 105 रन पर आउट हो गई। लेकिन पहले वनडे में बांग्लादेश ने टीम इंडिया को 273 रनों का लक्ष्य दिया था। बारिश से प्रभावित इस मैच में रोबिन उथप्पा के 50 रन और अजिंक्य रहाणे के 64 रनों की बदौलत भारत ने डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर बांग्लादेश को 7 विकेट से हराया। रहाणे और उथप्पा ने पहले विकेट के लिए 99 रन जोड़कर तूफानी शुरुआत दिलाई थी। रहाणे ने 70 गेंद का सामना करते हुए अपनी पारी में पांच चौके और दो छक्के मारे। उथप्पा ने अपनी तेजतर्रार पारी के दौरान सिर्फ 44 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के मारे। पहले मैच को छोड़ दिया जाए तो इस सीरीज में टीम इंडिया की बल्लेबाजी संतोषजनक नहीं रही। उम्मीद है इंग्लैंड दौरे पर ये नए बल्लेबाज अपने काबिलियत को साबित करेंगे।

हालांकि आठ महीने बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए यह सीरीज काफी महत्वपूर्ण रहा। इन युवा खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट को वर्ल्ड कप टीम चुनने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। हो सकता है इन युवा खिलाड़ियों में से कुछ को वर्ल्ड कप खेलने का भी मौका मिल सकता है। अगर मौका न भी मिले तो इतना जरूर कहा जा सकता है कि वर्ल्ड कप के बाद टीम से रिटायर होने वाले खिलाड़ियों की भरपाई करने में ये नए सितारे सक्षम होंगे।

 

एक्सक्लूसिव

First Published: Sunday, June 22, 2014 - 13:57


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