बाइक, कार, टीवी, फ्रिज, मोबाइल फोन और साबुन हुए सस्ते

By Ramanuj Singh | Last Updated: Monday, February 17, 2014 - 14:52

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने लोकसभा में आज (सोमवार को) वित्त वर्ष 2014-15 के लिए अंतरिम बजट पेश किया। यूपीए-2 के अंतिम बजट में लोगों को लुभाने की कोशिश की गई। इसके तहत कई चीजों को सस्ता कर दिया है। बजट में एसयूवी कारें, मध्यम कारें, छोटी कारें, मोटर साइकिल (बाइक), फ्रिज, साबुन, देसी मोबाइल और टीवी को सस्ता करने का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम के अंतरिम बजट में छोटी-बडी कारों, मोटरसाइकिल और स्कूटर के अलावा स्वदेशी मोबाइल और साबुन सस्ते करने का प्रस्ताव है। चिदंबरम ने आज लोकसभा में बजट भाषण करते हुए कहा, ऑटोमोबाइल उद्योग अप्रत्याशित नकारात्मक वृद्धि दर्शा रहा है। इसे राहत देने के लिए छोटी कार, मोटरसाइकिल, स्कूटर और वाणिज्यिक वाहनों पर उत्पाद शुल्क 12 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत किया जाएगा। एसयूवी पर ये 30 से घटाकर 24 प्रतिशत, बडी और मिड सेग्मेंट कारों पर 27 और 24 प्रतिशत से घटाकर क्रमश: 24 और 20 प्रतिशत उत्पाद शुल्क घटेगा। चेसिस और ट्रेलरों पर उत्पाद शुल्क में उचित कटौती का मैं प्रस्ताव करता हूं।
उन्होंने कहा, मोबाइल हैंडसेट के घरेलू उत्पादन (जो गिर गया है) को प्रोत्साहित करने तथा आयात पर निर्भरता कम करने (जो बढ गया है) के लिए मैं मोबाइल हैंडसेट की सभी श्रेणियों हेतु उत्पादन शुल्कों की नयी दरों का प्रस्ताव करता हूं। ये दरें सेनवेट क्रेडिट के चलते 6 प्रतिशत और सेवेट क्रेडिट के बगैर 1 प्रतिशत होगी।
चिदंबरम ने कहा कि साबुनों और रंगीन रसायनों का घरेलू उत्पादन प्रोत्साहित करने के लिए वह खाद्य भिन्न ग्रेड के औद्योगिक तेल और इसके भाग, वसीय अम्लों और वसीय अल्कोहलों पर सीमा शुल्क ढांचे को युक्तिसंगत कर 7.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करते हैं।
विनिर्दिष्ट सडक निर्माण मशीनरी का घरेलू उत्पादन प्रोत्साहित करने के लिए चिदंबरम ने आयातित मशीनरी पर लगने वाली सीवीडी से छूट समापत करने का प्रस्ताव किया। करेंसी नोटों के मुद्रण के लिए प्रतिभूति कागज के प्रयोग किये जाने वाले स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु उन्होंने बैंक नोट पेपर मिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयातित पूंजी माल पर 5 प्रतिशत रियायती सीमा शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी किया। वित्त मंत्री ने ब्लड बैंक को सेवा कर से मुक्ति के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। उन्होंने चावल की लदाई, उतराई, पैकिंग, भंडारण और भंडारगृह को सेवा कर से छूट का प्रस्ताव भी किया।
अंतरिम बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा, परिपाटियों को ध्यान में रखते हुए मैं कर विधियों में बदलाव संबंधी कोई घोषणा नहीं करना चाहता हूं। फिर भी मौजूदा आर्थिक हालात कुछ ऐसे जरूरी दखल की मांग करते हैं जिनके लिए नियमित बजट तक नहीं रूका जा सकता है। विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को तत्काल प्रोत्साहन की जरूरत है। चिदंबरम ने कहा कि उक्त बदलावों के संबंध में अधिसूचनाएं आज ही जारी कर दी जाएंगी।
(एजेंसी इनपुट से साथ)



First Published: Monday, February 17, 2014 - 12:28


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