‘आप’ का उभार और पुराने चश्मे

Last Updated: Tuesday, December 10, 2013, 21:27

भारतीय राजनीति और राजनैतिक दलों को अपने पुराने चश्मे से देखने वाले राजनैतिक विश्लेषकों ने शायद ही ऐसे अचरज भरे नजारे की कल्पना की होगी। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी जैसे राष्ट्रीय दलों की नजर में तो आम आदमी पार्टी की कोई औकात ही नहीं थी जबकि ज्यादातर विश्लेषक भी उसे दिल्ली विधानसभा चुनाव में दो-चार सीटें ही दे रहे थे।

अब होगी ‘आप’ की अग्निपरीक्षा

Last Updated: Monday, December 09, 2013, 16:57

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया है। चुनावी सर्वेक्षणों, मीडिया, राजनीति के जानकारों किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि वह इस चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने जा रही है। ‘आप’ पार्टी को कुछ सीटें मिलने की बात तो जरूर कही जा रही थी लेकिन कांग्रेस दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं करेगी, यह किसी ने नहीं सोचा था।

'आम आदमी' ने रोका भाजपा का चौका

Last Updated: Monday, December 09, 2013, 18:49

भाजपा देश की राजधानी दिल्ली में बहुमत का जादुई आकंड़ा छूने में सफल नहीं हो सकी। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक साल पहले बनी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भाजपा को चौका लगाने से रोक दिया। भाजपा बहुमत के लिए जरूरी 36 सीटों से पीछे रह गई। हालांकि दिल्ली में 32 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल रूप में उभरने में सफल रही।

राजस्‍थान में राजे का लौटा `राज`

Last Updated: Sunday, December 08, 2013, 18:07

राजस्थान चुनावों में जिस बात की संभावना पहले से व्‍यक्‍त की जा रही थी, परिणाम आखिरकार वैसा ही आया। वसुंधरा राजे का जादू इस बार राजस्‍थान के लोगों के सिर चढ़कर बोला। जनता ने राजे के `राज` को पूरी तरह स्‍वीकार कर लिया और उन्‍हें सूबाई सत्‍ता की चाभी फिर से सौंप दी।

कांग्रेस पर भारी `मोदी फैक्टर`!

Last Updated: Sunday, December 08, 2013, 15:50

जो चुनाव परिणाम आ रहे हैं, इन परिणामों ने मंडल-कमंडल, जाति और संप्रदाय की राजनीति करने वाले राजनैतिक दलों को करारा जवाब दिया है। इन परिणामों से जाहिर है कि अब देश के मतदाताओं को जज्बाती, सांप्रदायिक और जातीय मुद्दों को उछालकर गुमराह नहीं किया जा सकता ना हीं ऐसे मुद्दों पर वोट हासिल किया जा सकता है।

सियासत की धारा-370

Last Updated: Tuesday, December 03, 2013, 18:59

आर्टिकल 370 को लेकर खड़ा हुआ बवाल नया नहीं है। भारतीय जनता पार्टी और संघ परिवार हमेशा तीन मुद्दों पर अलग से अपनी अलग राय रखता रहा है। बीजेपी हमेशा से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने, आर्टिकल 370 हटाने और अयोध्या में रामजन्मभूमि निर्माण का वादा करती रही है।

भारत में बदहाल पशुधन और कृषि

Last Updated: Tuesday, December 03, 2013, 17:37

भारत के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने में कृषि प्रधानता और पशुधन की परिकल्पना प्राचीन समय से ही रही है। किसी भी समाज में खाद्य-सुरक्षा के लिए कृषि उत्पाद और पशुधन उत्पाद की उपल्बधता आवश्यक मानी जाती है।

बीजेपी का ये कौन सा चेहरा है?

Last Updated: Friday, November 22, 2013, 22:52

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी अपने कौन से चेहरे के साथ वोटरों के बीच जाना चाहती है, इसकी एक बानगी आगरा की रैली में साफ तौर पर देखने को मिली।

शर्म उनको मगर नहीं आती...

Last Updated: Thursday, November 21, 2013, 17:12

सामाजिक मूल्यों और नैतिकता की वकालत करने वाले, नेताओं और नौकरशाहों को कठघरे में खड़ा करके ‘तहलका’ मचाने वाले किस हद तक मीडिया की ‘डर्टी पिक्चर’ पेश कर रहे हैं, तेजपाल साहब उसके एक नमूने हैं। उनकी बुद्धिजीवी दाढ़ी, तीखी आंखों और तल्ख तेवर के पीछे कौन सा शैतान है, वो खुद बता रहे हैं।

साहेब, शहजादा और गुलाम

Last Updated: Wednesday, November 20, 2013, 21:26

क्‍या इस देश में कानून अंधा है, क्या हमारा संविधान किसी की भी निजी जिंदगी में झांकने का अधिकार देता है। क्या इस देश में निजता कानून के दायरे में सिर्फ खास लोग ही आते हैं, क्या चंद खास लोगों को ही राइट टू प्राइवेसी का इस्तेमाल करने का हक है।