कत्ल की गुत्थी : कुछ सुलझी तो कुछ अनसुलझी

Last Updated: Saturday, December 28, 2013 - 00:23

क्राइम रिपोर्टर/ज़ी मीडिया
साल 2013 में हत्या की वारदातों से दिल्ली दहल उठी। इस साल कई हाई प्रोफाइल मर्डर केस ने दिल्ली पुलिस की नींदें उड़ा दी। आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में दिल्ली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ज्यादातर अपराधो में अपनों की भूमिका सामने आयी। आंकड़ों के लिहाज से साल 2013 दिल्ली पुलिस के लिए थोड़ी राहत की खबर लेकर आयी।
साल 2012 में अरबपति कारोबारी पोंटी चड्डा की मौत की गुत्थी सुलझाने के बाद जैसे ही दिल्ली पुलिस ने राहत की सांस ली, वैसे ही तुरंत 29 मार्च को बसपा नेता और कारोबारी दीपक भारद्दवाज को उसके ही फार्म हाउस में घुसकर अज्ञात हमलवारों ने गोली मारकर हत्या की दी। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने फार्म हाउस मे लगे सीसीटीवी का सहारा लिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को पड़ोसी राज्य से गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों से पुछताछ के बाद पुलिस के सामने जो सच सामने आया उसे सुनकर पुलिस हैरान रह गई।
दीपक भारद्वाज की हत्या के लिए सुपारी दी गई थी। वो भी पांच करोड़ की। सुपारी देने वाला कोई दूर का नही बल्कि दीपक भारद्वाज का छोटा बेटा नीतेश था। नीतेश ने अपने एक साथी और एक बाबा प्रतिभानंद उर्फ मछिन्द्रानंद की मदद से दीपक भारद्वाज की हत्या करवा दी। लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी नीतेश के खिलाफ सबूत जो पुलिस के पास नही थी। लिहाजा नीतेश को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई दौर के पुछताछ और कॉल डिटेल के जरिये पुलिस ने नीतेश के खिलाफ सबूत इक्कठे किए और नीतेश व उसके वकील दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इस केस की अहम कड़ी बाबा प्रतिभानंद आज भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। इस केस में दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी।
हत्या की दूसरी बड़ी वारदात बुलंदशहर के बसपा विधायक हाजी अलिम की पत्नी रेहाना की हत्या से दिल्ली कि उत्तरी पूर्वी जिला में सनसनी फैल गई। रेहना की लाश उसी के घर में मिली। घर अंदर से बंद था। मौके पर पंहुची पुलिस जब घर के अंदर पहुंची तो कमरे का सारा समना बिखरा था। शुरुआती जांच में पुलिस अदेशा लग चुका था कि हो ना हो वारदात में किसी करीबी का हाथ है। पुलिस का पहला शक रेहना के पति हाजी अलिम पर था। पुलिस ने हाजी अलिम और उसके भाई से लगातार पुछताछ की लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नही लगा। दिल्ली पुलिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही थी। और आरोपी पुलिस के गिरफ्त से दूर जा रहे थे। लेकिन कॉल डिटेल के जरिये पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे। पुलिस ने हाजी अलिम के ड्राइवर और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों के पुछताछ पता चला कि विधायक हाजी अलिम की दूसरी पत्नी की हत्या में उसके पहली पत्नी के दो बेटे आसिफ और असित का हाथ है। दोनों बेटो के इशारे पर नदीम ने अपने साथी के साथ रेहना की हत्या कर दी। भले ही पुलिस ने हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया हो। लेकिन हाजी आलिम के दोनों बेटे पुलिस के गिरफ्त से बाहर है।
भले ही दिल्ली पुलिस ने कई प्रोफाइल केस को वार्क आउट करने में पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन हत्या की वारदातों में ज्यादा कमी नही आयी है। हां आंकडों में पुलिस को आंशिक सफलता जरूर हाथ लगी। आंकडों की बात करें तो साल 2013 में नवंबर महीने तक हत्या के 462 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि 2012 में ये आंकड़े 488 था। वही इस साल हत्या की कोशिश की वारदात में इजाफा हुआ है जो दिल्ली पुलिस की कार्यशैली की पोल खोलने के लिए काफी है। साल 2013 में हत्या की कोशिश मामले में 544 मामले दर्ज किए गए। जबकि 2012 में 404 मामले दर्ज किए गए थे।
साल 2013 में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर बदरीश की दिल्ली से सटे गुड़गांव में संदिग्ध परिस्थति में हत्या कर दी गई। इस खबर से दिल्ली पुलिस में हंडकंप मच गया। बदरीश और उनके महिला दोस्त की लाश गुडगांव के एक फ्लैट में मिली। बदरीश दत्त की मौंत से दिल्ली पुलिस को बड़ा झटका लगा। क्योकिं बदरीश दत्त आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग की जांच की शुरुआत की थी। साल 2013 बीतने को लेकिन अब तक ये साफ नही हो पाया कि बदरीश दत्त की हत्या कैसे हुई।
इस साल दिल्ली के कालकाजी इलाके में एनआरआई छात्र अनमोल सरना की गुत्थी अब तक नही सुलझी है। शुरुआती जांच में ये बात सामने आयी कि अनमोल की मौंत ड्रग्स के ओवरडोज के चलते सोसाइटी के गार्ड से झड़प हुई और इसी झड़प मे अनमोल की जान लेली। लेकिन परिवार ने पुलिस की इस थ्योरी से खुश नही थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अनमोल की हत्या किसी साजिश की तहत की गई है। आनन-फानन में पुलिस ने सोसाइटी के गार्ड और उसके साथियो को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पुलिस के पास उनके खिलाफ सबूत नहीं मिला। लिहाजा सभी को छोड़ दिया गया। फिलहाल इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौप दिया गया है।
इसी साल पूर्वी दिल्ली इलाके के मय़ूर विहार में लूट और हत्या की वारदात ने दिल्ली पुलिस को काफी परेशान किया। कोरियर ब्वॉय बनकर आए कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुस कर अजय गुप्ता की पत्नी मधुबाला की हत्या कर दी और घर से लाखो रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत पांच आरोपियो को गिरफ्तार किया।



First Published: Saturday, December 28, 2013 - 00:23
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