नारायण साईं की राजदार खोलेगी कई राज!

Last Updated: Saturday, November 9, 2013 - 00:22

क्राइम रिपोर्टर/ज़ी मीडिया

नारायण साईं की अहम राजदार गंगा की जिसकी गिरफ़्तारी के बाद अब दुनिया के सामने आएंगे नारायण साईं के कई राज़। जेल की सलाखों को है नारायण साईं का बसब्री से इंतजार। यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम का बेटा और रेप का आरोपी नारायण साईं गिरफ्तारी से बचने के लिए भागा-भागा फिर रहा है लेकिन अब उसके लिए आसान नहीं होगा पुलिस को चकमा दे पाना क्योंकि उसकी अहम राजदार और प्रमुख सेविका पर कस गया है पुलिस का शिकंजा।
अब दुनिया से नहीं छिप सकेगी नारायण साईं की हकीकत पुलिस को लंबे समय तक छका पाना भी होगा अब नारायण साईं के लिए मुश्किल। उसकी राजदार गंगा के साथ ही गंगा के पति को भी सूरत पुलिस ने कर लिया है गिरफ्तार। अब ये दोनों पुलिस की पूछताछ में उठायेंगे नारायण साईं के हर पाप से पर्दा। सामने आयेगा बलात्कार के आरोपी नारायण साईं का हरेक गुनाह और इसके साथ ही होगा उस बहुरूपिये के हर गुनाह के खेल के अंत का आगाज क्योंकि अब नारायण साईं के खिलाफ रेप का मामला दर्ज होने के बाद से ही उसकी सेवादार गंगा सूरत आश्रम से हो गई थी फरार। लेकिन पुलिस से भागने और छिपने का ये खेल उसकी गिरफ्तारी के साथ ही अब खत्म हो चुका है और शुरू हो गई है एक नई तहकीकात।
पहले पुलिस से बचने के लिए खुद को छिपाया और अब अपनी पहचान छुपाने के लिए छिपाना पड़ रहा है अपना चेहरा। पुलिस की गिरफ्त में आई ये महिला है नारायण साईं की सेविका और उसकी सबसे बड़ी राज़दार गंगा उर्फ धर्मिष्ठा पटेल।
सेविका पर संगीन इल्जाम जिन दो बहनों के साथ बलात्कार करने के आरोप में नारायण साईं के खिलाफ सूरत में मामला दर्ज है। गंगा पर उन्हीं लड़कियों को डराने-धमकाने और नारायण साईं की मदद करने का आरोप है। इस मामले में नारायण साईं के खिलाफ सूरत में एक एफआईआऱ दर्ज हुई थी। लेकिन 6 अक्टूबर 2013 को एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही नारायण साईं तो फरार हो ही गया उसकी सेविका गंगा भी सूरत आश्रम से फरार हो गई थी।
बाद में इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए 29 अक्टूबर को अरेस्ट वारंट जारी किया गया था, लेकिन नारायण साईं के साथ ही गंगा की भी पुलिस को खोज खबर नहीं मिल सकी थी नारायण साईं का तो पुलिस को अभी तक पता नहीं चल सका है लेकिन एक मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने राजस्थान के उदयपुर में गंगा पर शिकंजा कस ही दिया।
पत्नी के साथ पति भी गिरफ़्त में। गंगा के साथ ही उदयपुर पुलिस ने इसके पति प्रमोद को भी गिरफ्तार किया है। गंगा और प्रमोद तीन साल से आसाराम के सूरत आश्रम में काम कर रहे थे और वहीं काम करने के दौरान धीरे-धीरे गंगा नारायण साईं की खास सेविका बनने के साथ ही उसकी काली करतूतों की राजदार भी बन गई। माना जा रहा है कि वडोदरा के पास के एक गांव की रहने वाली गंगा नारायण साईं के कई गुनाहों का राज जानती है।
उदयपुर में हुई गिरफ्तारी के बाद गंगा और इसके पति को सूरत पुलिस के हवाले कर दिया गया है और अब सूरत पुलिस इन दोनों से पूछताछ करके नारायण साईं के एक एक गुनाहों का काला चिट्ठा तैयार करेगी। पुलिस से छिपती घूम रही गंगा भी अपने उस्ताद नारायण साईं के पदचिह्नों पर चल रही थी। पुलिस उसकी तलाश में कई शहरों की खाक छान रही थी और वो उदयपुर के एक गांव में छिपकर पुलिस के साथ खेल रही थी।
आंख मिचौली का खेल यानी जैसा उस्ताद वैसी शागिर्द। उस्ताद नारायण साईं शागिर्द धर्मिष्ठा पटेल उर्फ गंगा। जैसा उस्ताद वैसी उसकी शागिर्द। दोनों पुलिस के रडार से छिपने और चकमा देने में माहिर। नारायण साईं की तरह ही उसकी शागिर्द गंगा भी पुलिस से बचने के लिए तकरीबन वैसे ही हथकंडे अपना रही थी। यही वजह है कि साईं की इस सेवादार तक पहुंचने में पुलिस को पूरे एक महीने लग गए। मुखबिर ने पहुंचाया सलाखों के पीछे।
गंगा कहां छिपी है इस बात की जानकारी सूरत पुलिस को 7 अक्टूबर की दोपहर एक मुखबिर से मिली खबर मिलते ही पहले उसकी पुष्टि की गई और पुष्टि होते ही सूरत पुलिस ने उदयपुर पुलिस से संपर्क साधकर उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया। शाम होते-होते पुलिस की एक टीम उदयपुर के सुखेर इलाके में थी वहां पहुंचने के बाद पुलिस का अगला ठिकाना था सुखेर से करीब 25 किलोमीटर दूर बसा गांव रामा। खबर मिली थी कि उसी गांव में गंगा अपने पति प्रमोद के साथ छिपकर रह रही है।
पुलिस के मुताबिक नवरात्र से ही गंगा अपने पति के साथ इस गांव में गुपचुप तरीके से रह रही थी। खास बात ये है कि जिस शंकर प्रजापत नाम के शख्स ने गंगा को अपने घर में पनाह दे रखी थी शंकर को भी आसाराम का पुराना शागिर्द बताया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक शंकर प्रजापत भी गंगा और प्रमोद के साथ आसाराम के सूरत आश्रम में ही काम करता था। बहरहाल, आसाराम के एक पुराने सेवादार ने जिस तरह गंगा को अपने घर में छिपाकर रखा था, उससे साफ है कि आसाराम और नारायण साईं का नेटवर्क अब भी पहले की तरह ही काम कर रहा है। नारायण साईं की राज़दार गिरफ्त में आ गई है तो अब साईं के कई राज भी बाहर आएंगे।
माना जा रहा है कि गंगा उर्फ धर्मिष्ठा पटेल सिर्फ नारायण साईं की सेविका ही नहीं थी बल्कि उसकी तमाम काली करतूतों को अंजाम देने का एक अहम जरिया भी थी। दो बहनों से रेप के मामले में नारायण साईं की तलाश कर रही सूरत पुलिस के लिए उसकी खास सेवादार गंगा की गिरफ्तारी एक अहम कामयाबी है। सूरत पुलिस को उम्मीद है कि गंगा और उसके पति से पूछताछ में नारायण साईं से जुड़े कई राज सामने आएंगे। नारायण पर सूरत में दर्ज रेप के मामले में गंगा सहअभियुक्त भी है। गंगा पर आरोप है कि उसने पीड़ित लड़कियों को डराया धमकाया और नारायण साईं के पास जाने के लिए मजबूर किया।
माना जा रहा है कि गंगा को नारायण साईं की काली करतूतों की पूरी जानकारी थी, इसीलिए जहां पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी वहीं वो पुलिस से छिपती फिर रही थी। गंगा पर सबसे संगीन इल्जाम ये है कि वो नारायण साईं के लिए लड़कियां सप्लाई करती थी। एक महीने तक पुलिस से भागने के बाद आखिरकार गंगा अब पुलिस की गिरफ्त में है,लेकिन सवाल ये है कि भेष बदलकर पुलिस को धोखा दे रहे और पुलिस के साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेल रहे नारायण साईं का नंबर कब आएगा?
उम्मीद की जा रही है कि गंगा के जरिये ही अब सूरत पुलिस नारायण साईं तक पहुंचने में भी कामयाब हो सकेगी। सूरत पुलिस को ये भी उम्मीद है कि गंगा से पूछताछ के बाद नारायण साईं से जुड़े कई राज़ सामने आएंगे। अब गंगा पुलिस को बताएगी कि आश्रम में कैसे नारायण साईं के लिए लड़कियों की सप्लाई की जाती थी। आश्रम की महिला सेवादार कैसे मासूम लड़कियों को आस्था, भक्ति और इलाज के नाम पर अपने जाल में फंसाती थीं और फिर उन्हें आसाराम और नारायण साईं के पास भेज दिया जाता था।
साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगाएगी कि सूरत आश्रम में यौन शोषण की शिकार हुई लड़कियों की फेहरिस्त में अभी और कितनी मासूम लड़कियों के नाम शामिल हैं।



First Published: Saturday, November 9, 2013 - 00:22


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