इंटरटेनमेंट (रिव्यू) : 'हॉलीडे' के बाद हंसाने में कामयाब हुए अक्षय

Last Updated: Friday, August 8, 2014 - 15:20
इंटरटेनमेंट (रिव्यू) : 'हॉलीडे' के बाद हंसाने में कामयाब हुए अक्षय

ज़ी मीडिया ब्यूरो

नई दिल्ली : अभिनेता अक्षय कुमार बॉलीवुड के उन चुनिंदा कलाकारों में शुमार हो गए हैं जो किसी भी भूमिका को बेहद आसानी से निभा जाते हैं। फिल्म 'हॉलीडे' में अपने एक्शन से रोमांचित करने वाले अक्षय ने अपनी 'इंटरटेनमेंट' से गुदागुदाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज प्रदर्शित हुई 'इंटरटेनमेंट' से अक्षय ने साबित कर दिया है कि कॉमेडी में भी उनका कोई जवाब नहीं है। साफ-सुथरी यह फिल्म बेहत सादगी से दर्शकों का मनोरंजन करती है।

इस फिल्म में एक डॉग इंटरटेनमेंट की कहानी है। यह बैकॉक में 3000 करोड़ के बिजनेस साम्राज्य का अकेला वारिस है। इस फिल्म में अक्षय कुमार अपने ही नाम यानि अक्षय कुमार की भूमिका में हैं। वहां यहां डॉगी को डीएनए (डैडी का नाजायज औलाद) बुलाते हैं। वह इस डॉगी को कई बार एक किताब ‘50 वेज टु किल बाई एक्सीडेंट’ पढ़कर मारने की भी कोशिश करते हैं।

संयोग से वह कुत्ता भी उस किताब को पढ़ लेता है। इसलिए अक्षय का यह प्लान उस ही भारी पड़ने लगता है। बाद में अक्षय और यह डॉगी दोनों बेस्ट फ्रेंड बन जाते हैं। दोनों साथ मिलकर उन दोनों खलनायकों (प्रकाश राज और सोनू सूद) से लड़ते हैं जो कि इस बिजनेस अंपायर पर हक होने का दावा करते हैं। आप इससे ज्यादा नहीं जानना चाहेंगे। मैं  आपको थोड़ा दर्द देना चाहूंगा क्योंकि इससे शायद मुझे थोड़ी राहत मिले।

साजिद और फरहाद की निर्देशक के रूप में यह पहली फिल्म है। दोनों ने काफी सलीके से इस फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म की कहानी नई और आकर्षक है। फिल्म कहीं भी बोर नहीं होने देती। खासकर फिल्म के संवाद बहुत ही सोच-विचारकर लिखे गए हैं।  

कॉमेडी के बादशाह जॉनी लीवर एक बार फिर अपने अंदाज में दिखे हैं तो गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक ने गुदगुदाने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं दिया है। मिथुन चक्रवर्ती ने भी अपने किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय किया है। जबकि सोनू सूद और प्रकाश राज अपनी खलनायकी से डराते कम हंसाते ज्यादा है। दोनों ने शानदार अभिनय किया है। तो अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने अपने अभिनय से जता दिया है कि वह बॉलीवुड में लंबी पारी खेलेंगी। यह कहना ज्यादा सही है कि इन सभी कलाकारों के संवाद और अभिनय की केमेस्ट्री काफी जमी है। फिल्म के निर्देशक ने थाईलैंड के प्राकृतिक सौंदर्य का बढ़िया तरीके से इस्तेमाल किया है। फिल्म का संगीत भी सुनने लायक बन पड़ा है।

कुलमिलाकर अक्षय की यह फिल्म साफ-सुथरी है जिसे परिवार के साथ देखा जा सकता है। अक्षय दर्शकों को हंसाने में एक बार फिर कामयाब हुए हैं। फिल्म जानवरों के साथ सम्मान एवं प्रेम के साथ व्यवहार करने का संदेश देती है।



First Published: Friday, August 8, 2014 - 15:18


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