कृष-3 (समीक्षा) : फिल्मी मसाले से भरपूर खांटी बॉलीवुड फिल्म

Last Updated: Saturday, November 2, 2013 - 12:56

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : लंबे इंतजार के बाद सुपरहीरो फिल्म ‘कृष 3’ ने शुक्रवार को रुपहले पर्दे पर दस्तक दी। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत तकनीक है जिसने बॉलीवुड में नई मिसाल कायम की है। सुपरहीरो के रूप में रितिक रोशन ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है और यह साबित किया है कि सुपरहीरो की भूमिका करने में अभी बॉलीवुड में उनका कोई जोड़ीदार नहीं है।
‘कृष 3’ में मनोरंजन के सभी मसाले हैं और फिल्म के कुछ दृश्य हॉलीवुड को टक्कर दे सकते हैं। फिल्म की कहानी को लेकर कोई शिकायत नहीं कर सकता क्योंकि सुपरहीरो वाली ज्यादातर फिल्में बुराई पर अच्छाई की जीत वाली होती हैं।
फिल्म के कुछ संवाद काफी रोचक हैं, जैसे कि ‘कृष एक सोच है जिसे कोई काल नहीं मार सकता।’ फिल्म में कुछ खामियां भी हैं लेकिन यदि आप इन खामियों को नजरंदाज करें तो फिल्म आपका भरपूर मनोरंजन करेगी। ‘काया’ के रूप में कंगना रानौत ने बेहद आसानी से अभिनय किया है। जबकि ‘काल’ के किरदार में विवेक ओबेराय और डरावना बन सकते थे। फिल्म के अन्य विलेन किरदार हॉलीवुड के ‘एक्स-मेन’ सीरीज से प्रभावित लगते हैं। फिर भी विवेक ने अपनी तरफ से काफी अच्छा प्रयास किया है।
फिल्म पूरी तरह से रितिक रोशन की है। वह सुपरहीरो के कास्टयूम में अच्छे दिखते हैं। उन्होंने एक्शन दृश्यों को स्वभाविक दिखाने की कोशिश की है।
प्रियंका चोपड़ा रितिक की पत्नी के रूप में अच्छी दिखती हैं। फिल्म में प्रियंका के लिए कुछ ज्यादा करने के लिए नहीं है। फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका के चलते कंगना ने कई जगहों पर प्रियंका को पीछे छोड़ दिया है।
फिल्म का बैकग्राउंड संगीत सलीम और सुलेमान ने दिया है जो सुनने में कर्णप्रिय है लेकिन राजेश रोशन का साउंडट्रैक्स ज्यादा प्रभाव पैदा नहीं कर पाता। ‘कृष-3’ में काफी चीजें हॉलीवुड की सुपरहीरों फिल्मों से ली गई हैं। फिल्म के एक्शन दृश्य लाजवाब हैं।
कुल मिलाकर ‘कृष-3’ को एक बार देखा जा सकता है। फिल्म आपका मनोरंजन करेगी।



First Published: Friday, November 1, 2013 - 17:00


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