`गुंडे` रिव्यू: वैलेंटाइन डे पर रोमांस-एक्शन का बिंदास कॉकटेल

Last Updated: Friday, February 14, 2014 - 17:59

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली: बॉलीवुड में अब फिल्मों के टाइटिल रखना मुश्किल साबित होता जा रहा है। `गुंडे` टाइटिल सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन वैलेंटाइन डे के दिन रिलीज हुई यह फिल्म प्यार और एक्शन की शानदार कॉकटेल कही जा सकती है। यकीनन रिलीज का जो दिन चुना गया वह सही था। क्योंकि फिल्म शुद्ध रुप से प्यार की कहानी है और लव-ट्राएंगल है। फिल्म दो गुंडे दोस्तों (अर्जुन कपूर और रणवीर सिंह) की कहानी है जो एक ही लड़की से प्यार करते है। इस प्यार से पहले और उसके बीच का जो मसाला पिरोया गया है उसकी तरीका शानदार है।
फिल्म के निर्देशक अली अब्बास ने गुंडे फिल्म के प्रमोशन के दौरान ही दोनों गुंडों यानी रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर को दिल वाली टीशर्ट पहनाकर ये भी जता दिया कि उनकी फिल्म सिर्फ एक्शन फिल्म नहीं है। इन दो गुंडों के दिल भी हैं और वो दिल से सोचते हैं। फिल्म की कहानी भी इनके दिल की कहानी है।
गुंडे फिल्म ऐसे दो अनाथ बच्चों की कहानी है जिनको हालात से मजबूर होकर गुंडा बनना पड़ता है। 12 साल की उम्र में जिंदगी बचाने के लिए पहली बार भागना पड़ा। जब भारत और बांग्लादेश का विभाजन होता है तो बहुत से रिफ्यूजी भारत आ जाते हैं और उन्हीं में विक्रम और बाला भी शामिल होते हैं। फिल्म की कहानी 1971 के आसपास की है जब चलती ट्रेन से कोयला चुराना आम बात हुआ करती थी। धीरे धीरे विक्रम और बाला शहर के बड़े गुंडे बन जाते है जिसका उन्हें खुद भी पता नहीं होता। कहानी में नया मोड़ तब आता है जब सरकार के पास इनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है। विक्रम और बाला की मुलाकात कैबरे डांसर नंदिता (प्रियंका चोपड़ा) से होती है और दोनों प्रियंका से प्यार करने लगते हैं। आखिरकार इरफान खान को सिस्टम की तरफ से दोनों गुंडों को सबूतों के साथ पकड़ने के लिए भेजा जाता है। फिर उसके बाद...।

अदाकारी की बात की जाए तो रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर अपने रोल में बिल्कुल फिट बैठे है। दोनों एक्शन पैक्ड रोल में बेहद प्रभावी साबित हुए है। दोनों पर एक्शन सींस खूब फबे हैं लेकिन रणवीर अर्जुन से अदाकारी और एक्शन के मामले में आगे नजर आए हैं। हालांकि दोनों की एक्टिंग टाइमिंग शानदार है जिसका जवाब नहीं। प्रियंका चोपड़ा एक कैबरे डांसर के रोल के साथ पूरी तरह न्याय करती नजर आई है। प्रियंका अब सींस और डॉयलॉग के मुताबिक चेहरे पर भाव ला पाने में कामयाब रही है। इरफान खान एसीपी के रोल में जमे है। कुल मिलाकर फिल्म अच्छी है जिसे देखी जा सकती है। जो लोग रणवीर और प्रियंका के फैन है उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आएगी।



First Published: Friday, February 14, 2014 - 12:37


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