`गुलाब गैंग` रिलीज होने से बुंदेली महिलाएं खुश

Last Updated: Tuesday, March 11, 2014 - 00:42

बांदा : फिल्म निर्माता अनुभव सिन्हा निर्देशित फिल्म `गुलाब गैंग` रिलीज होने पर महिला संगठन `गुलाबी गैंग` की कमांडर रहीं संपत पाल ने भले ही दिल्ली उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की हो, लेकिन फिल्म के प्रदर्शन को लेकर इस महिला संगठन से जुड़ी ज्यादातर महिलाएं खुश हैं और संपत पर ही बेतुकी याचिका दायर करने का आरोप जड़ा है।
फिल्म `गुलाब गैंग` रिलीज होने को लेकर उठे विवाद में दिल्ली उच्च न्यायलय में पूर्व कमांडर संपत पाल ने इसे अपने जीवन पर आधारित बताया है, लेकिन गुलाबी गैंग से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि `यह फिल्म बुंदेली महिलाओं पर आधारित है।`
सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में फिर सुनावई हुई और न्यायलय ने अगली सुनवाई की तारीख 18 मार्च तय की है। उच्च न्यायालय में संपत की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुश शर्मा का कहना है कि फिल्म को लेकर दायर याचिका में संपत को निकाले जाने का जिक्र तो नहीं है, पर इसमें कोई शक नहीं कि फिल्म संपत के जीवन पर आधारित नहीं है। उन्होंने बताया कि अदालत में अगली सुनवाई 18 मार्च को नियत है।
इन सबके बावजूद इस फिल्म के प्रदर्शन से बुंदेली महिलाएं बेहद खुश हैं। गुलाबी गैंग में नींव की पत्थर मानी जा रही दलित महिला सुशीला का कहना है कि अतर्रा थाने में संगमलाल दारोगा को उन्होंने बंधक बनाया था, लेकिन इसका श्रेय संपत के सिर बंधा।
वह कहती हैं, "मैंने फिल्म देखी है, वह संपत के जीवन पर नहीं, बल्कि बुंदेली महिलाओं के संघर्ष पर आधारित है और इसके प्रदर्शन पर रोक लगाना अनुचित होगा।"
इसी तरह अतर्रा ग्रामीण की दलित महिला कोदिया दाई ने कहा, "मैंने फिल्म तो नहीं देखी, लेकिन सुना है कि फिल्म हम लोगों के संघर्ष पर बनी है।" वह कहती हैं कि अगर फिल्म बनी है तो सिर्फ रुपये की गरज से संपत को अदालत नहीं जाना चाहिए।
महोबा जिले के रहने वाली फरीदा बेगम गुलाबी गैंग की जिला कमांडर हैं। वह कहती हैं, "फिल्म मैंने देखी है, उसमें कहीं ऐसा कोई दृश्य नहीं है, जिससे संपत की छवि धूमिल हो रही हो।" बकौल फरीदा, फिल्म में हिंसा की शिकार महिला किस तरह शोहदों (छेड़खानी करने वालों) को सबक सिखाती हैं, यह दर्शाया गया है, ऐसे दृश्य से संपत की छवि कैसे धूमिल हो रही है, समझ से परे है।
उधर, गुलाबी गैंग की नई कमांडर सुमन सिंह चौहान का कहना है कि गैंग की आमसभा की अगली बैठक 23 मार्च को बांदा मुख्यालय में फिर से होगी, अगर जरूरत पड़ी तो संगठन दिल्ली उच्च न्यायालय में संपत की रिट याचिका खारिज करने के लिए वाद दायर करेगा।
वह कहती हैं कि 2 मार्च के बाद संपत पाल गैंग की कमांडर नहीं रहीं, आखिर इन्होंने गुरुवार को अदालत में झूठा शपथपत्र कैसे दे दिया? कुल मिलाकर यह कहना गलत न होगा कि माधुरी दीक्षित और जूही चावला अभिनीत फिल्म `गुलाब गैंग` रिलीज होने से बुंदेली महिलाएं खुश हैं और संपत की याचिका पर भी सवाल उठा रही हैं।(एजेंसी)



First Published: Tuesday, March 11, 2014 - 00:40


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