ज़ी न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई : ईंधन की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा मनमोहन सरकार के लिए गले की फांस बन गया है। घटक दलों में सबसे ज्यादा विरोध तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी कर रही हैं। दबाव जारी रखते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगे। ममता के विरोध का जवाब देते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि सड़क पर विरोध करने से कोई फायदा नहीं होगा। ममता प्रधानमंत्री पर भरोसा रखें।
तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि बैठक मंगलवार शाम पांच बजे निर्धारित है। तृणमूल और द्रमुक दोनों पार्टियों के लोकसभा में 18-18 सांसद हैं। राकांपा पहले ही इस मुद्दे पर सरकार के समर्थन में आ गई है।
तृणमूल प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं होंगी क्यों कि वह राजभवन में एक बैठक के लिए कोलकाता में ही रहेंगी। ममता वहां केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से राज्य में वित्तीय स्थिति पर चर्चा करेंगी।
बैठक की पूर्व संध्या पर सोमवार को ममता ने कहा कि उनकी पार्टी मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर ‘समझौता’ नहीं करेगी। ममता ने कोलकाता में कहा, ‘हम मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे जो सबसे अधिक आम आदमी को प्रभावित कर रहा है। हमारी लड़ाई जारी रहेगी।’ चेन्नई में द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा ‘गठबंधन धर्म’ का पालन किया है।
करुणानिधि ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने अपनी राय जाहिर की थी कि मूल्य वृद्धि से लोगों को काफी परेशानी होगी। हम गठबंधन धर्म का पालन करेंगे, जैसा हम करते रहे हैं।’ करुणानिधि ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल में मूल्य वृद्धि आलोचना किए जाने और संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने की उनकी पार्टी की धमकी पर भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
दिल्ली में विधि मंत्री सलमान खुर्शीद ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के साथ तृणमूल सांसदों की बैठक के दौरान समाधान पर पहुंचा जा सकता है। तृणमूल की धमकी के बारे में उन्होंने कहा, ‘हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि गठबंधन कायम रहे।’ तृणमूल कांग्रेस इस बात से नाराज है कि हालिया मूल्य वृद्धि पर सहयोगी दलों की राय नहीं ली गई। लोकसभा में 18 सांसदों के अतिरिक्त पार्टी के राज्यसभा में छह सांसद हैं।
तृणमूल नेता और केंद्रीय मंत्री सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, ‘समन्वय का अभाव है। महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारे साथ विचार-विमर्श नहीं किया गया। हमें फैसला किए जाने के बाद सूचित किया जाता है, जैसा हाल में ईधन की कीमतों में वृद्धि के मामले में किया गया।’ उन्होंने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री से शिकायतें करेंगे।’ यह पूछे जाने पर कि क्या प्रतिनिधिमंडल मूल्य वृद्धि को वापस लेने की मांग करेगा तो इसपर बंदोपाध्याय ने कहा, ‘नहीं, हम मूल्य वृद्धि को वापस लेने के लिए नहीं कह रहे हैं। हम आम आदमी की शिकायतों को पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सुन रहे हैं कि डीजल और गैस की कीमतें बढ़ने जा रही हैं।’
बंदोपाध्याय ने दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले कहा, ‘प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद हम 9 नवंबर को कोलकाता पहुंच रहे हैं, जहां अंतिम फैसला ममता करेंगी।’ मूल्य वृद्धि वापस नहीं लिए जाने पर सरकार से समर्थन वापस लेने का गत चार नवंबर को फैसला करने के बाद तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल पहले ही इस मामले में फैसला करने के लिए ममता को अधिकृत कर चुका है। तृणमूल प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ नेता पार्थ चटर्जी करेंगे।
First Published: Tuesday, November 08, 2011, 12:52