(ज़ी न्यूज ब्यूरो)
नई दिल्ली/कोलकाता: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से तृणमूल कांग्रेस सांसदों की मुलाकात से एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार कहा कि पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर उनकी पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम मूल्यवृद्धि के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेंगे क्योंकि इसका सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ रहा है। हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
ममता अब पेट्रोल वृद्धि के बाद इस मद में आए बोझ के चलते केंद्र सरकार से 20,000 करोड़ रुपये का अनुदान राज्य को दिए जाने पर अड़ गई हैं। वहीं, इसी परिप्रेक्ष्य में वे मंगलवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से भी मिलेंगी। उधर, पेट्रोल कीमत पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी मंगलवार को प्रधानमंत्री से मिलेंगे और उसके बाद ममता बनर्जी को रिपोर्ट सौपेंगे।
सोमवार को सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार और तृणमूल कांग्रेस के बीच इस खींचतान में हालांकि अभी एक गुंजाइश बनी हुई है। वह यह है कि पश्चिम बंगाल सरकार के 20,000 करोड़़ रुपये की वित्तीय सहायता दिए जाने की मांग पर केंद्र सरकार सकारात्मक कदम उठाए। हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी कर्ज में डूबे इस राज्य को पैकेज दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन उनका कहना है कि केंद्र केवल 9,000 करोड़ रुपये ही दे सकता है। लेकिन ममता केंद्र से इस राज्य के लिए औरों से अलग अपेक्षा के साथ-साथ एक ऋण पुनर्गठन योजना भी चाहती हैं।
दिलचस्प यह है कि मंगलवार को एक ही समय के आसपास जब तृणमूल सांसद दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पेट्रोल कीमत में हालिया वृद्धि में वापसी के लिए दबाव डालेंगे, वहीं प्रणब मुखर्जी कोलकाता में ममता बनर्जी से मिलकर वित्तीय पैकेज पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा, प्रणब मुखर्जी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन से भी मुलाकात करेंगे और राज्य के वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अब यह देखना होगा कि 'पैकेज' पर मुखर्जी की स्थिति में टीएमसी की ओर से ईंधन की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर लिए गए स्टैंड का कोई असर पड़ेगा। गौर हो कि यूपीए सरकार में भागीदार टीएमसी के सांसदों ने कथित तौर पर ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। टीएमसी के लोकसभा में 18 सांसद और राज्यसभा में छह सांसद हैं। यूपीए सरकार से टीएमसी के हटने का मतलब सरकार का पतन होगा।
तृणमूल कांग्रेस का संसदीय दल पहले ही पार्टी अध्यक्ष को इस बात के लिए अधिकृत कर चुका है कि पेट्रोल कीमतों में रोलबैक न होने की स्थिति में सरकार से समर्थन वापसी का निर्णय ममता लेंगी। हालांकि, पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के मुद्दे पर राजनीतिक दबाव होने के बावजूद मनमोहन सिंह कीमतों में रोलबैक पर अपने फैसले पर दृढ़ हैं।
ममता ने कहा कि प्रधानमंत्री अगर समय देंगे तो हमारी पार्टी के सांसद कल उनसे मुलाकात करेंगे और अपनी शिकायत उनके सामने रखेंगे तथा वह जो कहेंगे उसे सुनेंगे। संप्रग सरकार में शामिल दूसरे सबसे बड़े घटकर दल तृणमूल कांग्रेस ने मूल्यवृद्धि के मुद्दे पर सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए पिछले सप्ताह अपने संसदीय दल की बैठक की थी। बैठक के बाद बनर्जी ने कहा कि नेताओं ने सरकार से समर्थन वापसी का पक्ष लिया है, हालांकि बाद में उन्होंने इस तरह की पहल से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।
तृणमूल कांग्रेस के नेता और केंद्रीय मंत्री सुदीप बंद्योपाध्याय ने आज यहां दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत करने के बाद हम नौ नवंबर को वापस यहां पहुंचेंगे और पार्टी प्रमुख से मुलाकात करेंगे, उसके बाद वहीं कोई अंतिम निर्णय लेंगी। बंधोपाध्याय के अनुसार ममता की शिकायत है कि उनके बार बार आग्रह के बावजूद संप्रग में सहयोगियों को मिलाकर एक समन्वय समिति नहीं बनाई गई।
First Published: Monday, November 07, 2011, 21:41