रोजाना कसरत करने से हड्डियों के रोगों को मात देना मुमकिन

Last Updated: Tuesday, October 22, 2013 - 17:37

लखनऊ: ओस्टियोपोरोसिस (हड्डीरोग) की समस्या से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उसका घनत्व घट जाता है। इसकी वजह से शरीर का ढांचा कमजोर हो जाता है। भारत में आठ में से एक पुरुष और तीन में से एक महिला इस बीमारी से पीड़ित है। इतना ही नहीं इस समस्या से भारत विश्व में सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। किंग जार्ज मेडिकल कालेज (केजीएमसी) के वरिष्ठ प्रोफेसर विनीत शर्मा ने यह बात कही।
ओस्टियोपोरोसिस के कारण रीढ़ की हड्डी, कूल्हे और कलाई के जोड़ों में फ्रैक्चर होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए यह बीमारी अभिशाप है, क्योंकि इस आयु में हड्डियां भंगुर हो जाती है और नुकसान का पता तभी चलता है जब रोगी को आसानी से फ्रैक्च र होने लगता है।
वर्ल्ड ओस्टियोपोरोसिस डे के अवसर पर शनिवार को डॉ. शर्मा ने कहा कि रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) हो चुकी महिलाओं को आमतौर पर इस बीमारी का जोखिम अधिक होता है, क्योंकि उनके शरीर में महत्वपूर्ण हारमोन एस्ट्रोजन की कमी होने लगती है। इस हारमोन में कमी आने के कारण हड्डियों का क्षरण तेजी के साथ हाने लगता है और हड्डियों का निर्माण रुक जाता है, जिससे यह बीमारी जकड़ लेती है। (एजेंसी)



First Published: Tuesday, October 22, 2013 - 17:37


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