इकलौता शहद है कई मर्ज की दवा

Last Updated: Monday, March 17, 2014 - 16:04

वाशिंगटन: हमारे घरों में दादी-नानी एवं बुजुर्ग सर्दी, खांसी जैसी कई समस्याओं में शहद के फायदे गिनाती रही हैं। अब नए अध्ययन से पता चला है कि यह बैक्टीरिया की प्रतिरोधी क्षमता से भी लड़ सकता है। यह अध्ययन दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक संगठन अमेरिकन केमिकल सोसायटी की 247वीं राष्ट्रीय बैठक के हिस्से के तौर पर कराया गया है।
एक बयान के मुताबिक इस अध्ययन के प्रमुख शोधार्थी रोड आईलैंड के न्यूपोर्ट स्थित साल्वे रेगिना विश्वविद्यालय के एम. मेस्च्विट्ज ने कहा कि शहद का खास गुण यह है कि यह कई स्तरों पर बैक्टीरिया से लड़ता है, जिसके कारण बैक्टीरिया में प्रतिरोधी क्षमता का विकास कठिन हो जाता है।
उनके मुताबिक शहद हाइड्रोजन पेरोक्साइड, अम्लीयता, ओस्मोटिक इफेक्ट, हाई सुगर कंसंट्रेशन और पॉलीफिनोल्स जैसे हथियारों का उपयोग करता है। ये सभी बैक्टीरिया को मारने के लिए काफी हैं।
ओस्मोटिक प्रभाव का मतलब यह है कि चीनी की अधिक सांद्रता के कारण यह बैक्टीरिया की कोशिकाओं से पानी का अवशोषण कर लेता है, जिसके कारण बैक्टीरिया दम तोड़ देता है।
शहद में एक खास बात यह है कि यह बैक्टीरिया के आपसी संचार तंत्र, जिसे कोरम सेंसिंग कहा जाता है, को क्षतिग्रस्त कर देता है, जिससे बैक्टीरिया रोगकारक बायोफिल्म का निर्माण नहीं कर पाते हैं।
दवा की दुकान पर मिलने वाले एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया की विकास प्रक्रिया पर हमला करते हैं, जिसके कारण बैक्टीरिया में इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है।
शहद इस प्रकार से काम नहीं करता है। इसलिए बैक्टीरिया में इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता पैदा नहीं हो पाती है।
उन्होंने कहा कि शहद इसलिए अधिक प्रभावी हैं, क्योंकि इसमें कई स्वास्थ्यवर्धक पॉलीफिनोल्स या एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इनमें शामिल हैं फिनोलिक एसिड, कैफिक एसिड, कूमैरिक एसिड और इलैजिक एसिड तथा कई फ्लैवनॉयड।
उन्होंने कहा कि कई अध्ययनों में शहद के बैक्टीरिया रोधी, फंगस रोधी और वायरस रोधी गुणों का पता चला है। उनकी टीम ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं और यह एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर है। (एजेंसी)



First Published: Monday, March 17, 2014 - 16:04
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