ऐसे बचें फूड प्‍वॉइजनिंग से

गर्मी के बाद बरसात आते-आते कई बीमारियां दस्तक देने लगती है। इनमें से आम बीमारी है फूड पॉइजनिंग की। अगर आप अपने खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान न रखें तो इस तरह की समस्याओं से रू-ब-रू होना पड़ सकता है। यह खाने में बैक्टीरिया की वजह से होती है। फूड पॉइजनिंग में बुखार, उल्टी- दस्त होना, चक्कर आना और शरीर में दर्द होना आम बात है। कुछ बातों का ध्यान रखकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

भाषा | Updated: Jul 23, 2014, 01:55 PM IST
ऐसे बचें फूड प्‍वॉइजनिंग से

नई दिल्ली: गर्मी के बाद बरसात आते-आते कई बीमारियां दस्तक देने लगती है। इनमें से आम बीमारी है फूड पॉइजनिंग की। अगर आप अपने खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान न रखें तो इस तरह की समस्याओं से रू-ब-रू होना पड़ सकता है। यह खाने में बैक्टीरिया की वजह से होती है। फूड पॉइजनिंग में बुखार, उल्टी- दस्त होना, चक्कर आना और शरीर में दर्द होना आम बात है। कुछ बातों का ध्यान रखकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

जो भी खाना खाएं वह ताजा व गर्म हो। ध्यान रहे कि जिन बर्तनों और जिस जगह पर आप खाना खा रहे हैं वे साफ-सुथरी हों। खाने से पहले हाथ अच्छे से धो लें। बाजार में खुले में बिकने वाले खाने या तली-भुनी चीज, गोलगप्पे आदि से इन दिनों परहेज करें।

फूड पॉइजनिंग होने पर एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू, नमक और शक्कर मिलाकर पीना चाहिए। उल्टी हो रही हो तो एक टेबल स्पून दही में एक चम्मच दानामेथी मिलाकर लेने से लाभ होगा। अगर दूषित खाद्य पदार्थ खाने के बाद आपको लगातार उल्टी हो रही हो, उल्टी के दौरान खून आए, पेट में तेज दर्द हो, बोलने और दिखाई देने में तकलीफ हो, कमजोरी महसूस होने जैसे लक्षण हो तो फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें।