मुस्लिम वोटों के लिए नरेंद्र मोदी का डर पैदा कर रही है कांग्रेस: मदनी

Last Updated: Tuesday, October 15, 2013 - 09:46

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो
जयपुर : बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल अपने पक्ष में करने के लिए इन दिनों खासा मशक्‍कत में जुटी कांग्रेस पार्टी पर जमीयत ए उलेमा ए हिंद के प्रमुख सैयद महमूद मदनी ने कड़ा प्रहार किया है। उन्‍होंने कहा कि केवल मुस्लिमों का समर्थन हासिल करने एवं वोटों को सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस पार्टी गुजरात के मुख्‍यमंत्री को लेकर डर पैदा कर रही है।
जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में रविवार को मुस्लिम आरक्षण की मांग संबंधी विषय पर एक कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मदनी ने कहा कि मुस्लिमों को मोदी से अकारण डरने की कोई जरूरत नहीं है।
राज्‍यसभा के पूर्व सांसद के हवाले से कथित तौर पर कहा गया कि मुस्लिम समुदाय को डरना नहीं चाहिए। इस देश में धर्मनिरपेक्षता की जड़ें काफी गहरी हैं और सांप्रदायिक ताकतें आम आदमी के दिलों को कभी नहीं जीत सकती हैं।
मदनी ने कहा कि कांग्रेस की कोशिश है कि मुसलमान मोदी के नाम से डर जाएं और 2014 में उसके लिए वोट करें। उन्होंने कहा कि मोदी के बीजेपी के पीएम उम्‍मीदवार बनने से डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्‍होंने कांग्रेस को चेताया कि जनता उसे पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में सबक सिखा सकती है। कांग्रेस को किसी का डर पैदा करके मुस्लिम वोट जुटाने के बजाय समुदाय की भलाई के लिए काम करना चाहिए।
वहीं, जमीयत उलेमा ए हिन्द ने भारत में मुस्लिम समुदाय को सबसे पिछड़ा बताते हुए कम से कम 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है। मदनी ने सोमवार को यह बात `मुस्लिम रिजर्वेशन` विषय पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पिछड़ों को दिए जाने वाले आरक्षण में मुसलमानों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है, जबकि प्रभावित करने वाला वर्ग अधिक से अधिक फायदा उठा रहा है। मदनी ने कहा कि केन्द्र की यूपीए सरकार, राजस्थान की कांग्रेस सरकार और राजनीतिक दल मुसलमानों को उनका हक देने की बात तो करते हैं, लेकिन शर्तों तथा नियमों के कारण इस समुदाय को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जमीयत नेता ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर मुसलमानों की सुरक्षा में असफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की सरकार दंगों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में असफल रही।
करीब दो साल पहले मोदी की तारीफ करने के कारण मौलाना गुलाम अहमद वस्तानवी को दारुल उलूम देवबंद के वीसी का पद छोड़ना पड़ा था। गौर हो कि उस समय मदनी और उनके समर्थकों ने ही वस्तानवी के खिलाफ आंदोलन चलाया था।



First Published: Tuesday, October 15, 2013 - 09:46


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