गुमराह और भ्रम पैदा करते हैं चुनावी सर्वेक्षण : कांग्रेस

ओपिनियन पोल के प्रकाशन पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के रुख का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने रविवार को कहा कि चुनावी सर्वेक्षण लोगों में भ्रम पैदा करने के साथ-साथ उन्हें गुमराह करते हैं।

अंतिम अपडेट: Nov 3, 2013, 03:23 PM IST

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : ओपिनियन पोल के प्रकाशन पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के रुख का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने रविवार को कहा कि चुनावी सर्वेक्षण लोगों में भ्रम पैदा करने के साथ-साथ उन्हें गुमराह करते हैं।
अल्वी ने कहा, ‘ओपिनियन पोल पर पाबंदी लगाने का फैसला निर्वाचन आयोग का है और हमने इसका केवल समर्थन किया है। ओपिनियन पोल में अलग-अलग रुझान बताते हैं जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और लोग गुमराह होते हैं। सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर इस मसले को देखना चाहिए।’
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की अक्षमता का सबको पता चल गया है।
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस संदेश देने वाले को नष्ट कर सकती है, संदेश को नहीं।
नकवी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी को यह समझने की जरूरत है कि संदेश देने वाले को मारकर भी संदेश नष्ट नहीं किया जा सकता। आज वे चाहते हैं कि ओपिनियन पोल पर प्रतिबंध लग जाए। कल वे विपक्ष की सभी बैठकों पर रोक लगा देंगे। कांग्रेस की अक्षमता का पता सभी को चल गया है।’
गौरतलब है कि कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर चुनावों से पहले ओपिनियन पोल पर रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस की विधिक इकाई का मानना है कि ओपिनियन पोल का गलत इस्तेमाल हो सकता है क्योंकि वे विश्वसनीय और वैज्ञानिक नहीं होते हैं।