बच्चों को पोलियो वैक्सीन की बूंद की जगह अब दिया जाएगा इंजेक्शन: हर्षवर्धन

Last Updated: Monday, July 28, 2014 - 17:47
बच्चों को पोलियो वैक्सीन की बूंद की जगह अब दिया जाएगा इंजेक्शन: हर्षवर्धन

नई दिल्ली : केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत में पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम के लिए जल्दी ही पोलियो वैक्सीन के नस में लगाये जाने वाले इंजेक्शन शुरू किये जाएंगे। अभी राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम में बच्चों को पोलियो वैक्सीन की बूंद पिलायी जाती है।

वर्धन ने कहा कि भारत में पोलियो बीमारी के उन्मूलन के लिए मुख से दी जाने वाली पोलियो की खुराक का सफलतापूर्वक प्रयोग किया है, लेकिन मुंह से दी जाने वाली वैक्सीन की खुराक के बावजूद पोलियो के वायरस के फिर से जाग्रत होने का खतरा बहुत कम लेकिन निश्चित रूप से बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित इंजेक्शन से रोग प्रतिरक्षा का स्तर बहुत उंचा रहेगा।

राष्ट्रीय सघन अतिसार नियंत्रण पखवाडा कार्यक्रम की शुरुआत करते हुये स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के आठ राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों ने पेंटावेलेंट वैक्सीन कार्यक्रम पहले ही शुरू कर दिया है। 11 अन्य राज्य अक्टूबर और शेष अगले साल अप्रैल तक इसे अपना लेंगे।

हर्षवर्धन कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि भारत में निवारणीय बीमारियों से अब भी साल में पांच वर्ष से कम आयु के 13-14 लाख बच्चों की मृत्यु हो जाती है। इनमें से 2 लाख से अधिक बच्चे अतिसार (डायरिया) से मरते हैं।

वर्धन ने कहा कि हर साल हम एक सामान्य कार्यक्रम चला देते हैं और हमारे सरोकार भी काम-चलाउ जैसे हो गये हैं। हमारे अंदर इन बीमारियों से लड़ने के लिए जोश और उर्जा की कमी दिखती है। हमें शिशु-मृत्यु के खिलाफ पूरी ताकत से मिलकर काम करना होगा और इसे समाजिक आंदोलन बनाना होगा।

इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की भारतीय शाखा की प्रमुख नाटा मेनाब्दे ने कहा कि विश्व स्तर पर फैली विभिन्न बीमारियों का भारत पर बोझ औसत से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि शिशु-मृत्यु केवल चिकित्सकीय समस्या नहीं है, बल्कि इसके लिए बहुआयामी प्रयास की जरूरत है, ताकि हालात सुधर सकें।

वर्धन ने कहा कि शिशु मृत्यु दर का औसत सबसे अधिक उप्र, बिहार, मप्र और राजस्थान में है। सरकार ने 29 राज्यों के 184 जिलों की पहचान की है, जहां सघन अभियान चलाया जाएगा। यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधि लोइस जार्ज अर्सेनाउ और स्वास्थ्य सचिव लव वर्मा ने भी अपने विचार रखे।

   

भाषा

First Published: Monday, July 28, 2014 - 17:47


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