इराक और सीरिया में युद्ध के लिए भारतीय मुस्लिम युवकों की भर्ती कर रहा आतंकी संगठन ISIS?

आतंक का पर्याय बना चुके आंतकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ी एक खबर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाने वाली है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआईएस भारतीय मुस्लिम युवकों की भर्ती कर रहा है। उसका मकसद इराक और सीरिया में युद्ध के खिलाफ इन लड़ाकों को झोंकना है।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो | Updated: Aug 26, 2014, 10:24 PM IST
इराक और सीरिया में युद्ध के लिए भारतीय मुस्लिम युवकों की भर्ती कर रहा आतंकी संगठन ISIS?

ज़ी मीडिया ब्यूरो

नई दिल्ली: आतंक का पर्याय बना चुके आंतकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ी एक खबर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाने वाली है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआईएस भारतीय मुस्लिम युवकों की भर्ती कर रहा है। उसका मकसद इराक और सीरिया में युद्ध के खिलाफ इन लड़ाकों को झोंकना है।

रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी संगठन आईएसआईएस केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर में गरीब मुस्लिम युवकों की भर्ती कर रहा है। एजेंसियों का दावा है कि आईएसआईएस के लिए भारत में सक्रिय प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम)लड़ाकों की भर्ती कर रहा है और अब तक करीब 100 युवक भर्ती हो चुके हैं।

एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के सूत्रों के मुताबिक इन आतंकी समूहों की योजना सीरिया और इराक में लड़ाई खत्म होने के बाद इन लड़ाकों की मदद से भारत पर हमले करने की है। सूत्रों के मुताबिक अधिकतर मामलों में युवकों ने घर छोड़ने से पहले परिवार को लिखी चिट्ठी में माफी मांगी है और इस्लाम की रक्षा करने के लिए जेहाद करने की इच्छा जताई है।

सुरक्षा एजेंसियों को इस बात का डर है कि आईएसआईएस के साथ भारतीयों के जुड़ने से उनके लिए नई चुनौती खड़ी गई है, क्योंकि इससे आतंकियों के हाथ नई तकनीक और हथियार लग जाएंगे, जिनका इस्तेमाल भारत पर हमले पर होगा।

गौर हो कि आईएसआईएस आंतकी संगठन में भारतीय लोगों के शामिल होने का पता तब चला जब कलयान के लड़के इराक घूमने गए और गायब हो गए, इसी तरह से जम्मू कश्मीर और तमिलनाडू राज्यों से कई युवक गायब हो गए, जिनमें से कई युवकों ने जाने से पहले अपने परिजनों को पत्र लिख कर इस्लाम को बचाने के लिए आंतकी संगठन में शामिल होने की बात कही। एनआईए के अनुसार इन भर्तीयों को शुरू हुए करीब एक साल हो चुका है।