द्रमुक ने अलागिरी और कांग्रेस के लिए रास्ते किए बंद

Last Updated: Monday, March 10, 2014 - 18:18

चेन्नई : आखिरी क्षणों में पलटी मारकर कांग्रेस के लिए दरवाजे बंद करते हुए द्रमुक ने सोमवार को तमिलनाडु में 35 और पुडुचेरी की एक लोकसभा सीट पर अपने उम्मीदवारों की सूची का ऐलान कर दिया। पार्टी ने पूर्व संचार मंत्री और 2 जी स्पैक्ट्रम मामले में आरोपी ए राजा को 24 अप्रैल को तमिलनाडु में होने वाले लोकसभा चुनाव में फिर से उम्मीदवार बनाया है लेकिन साथ ही बागियों को कड़ा संदेश देते हुए पार्टी प्रमुख के बेटे एम के अलागिरी का पत्ता साफ कर दिया है।
एक और पूर्व संचार मंत्री तथा 2 जी स्पैक्ट्रम मामले के एक अन्य आरोपी दयानिधि मारन को भी पार्टी प्रमुख ने दोबारा उम्मीदवार बनाया है। बगावत से कड़ाई के साथ निपटे जाने का कड़ा संदेश देते हुए पार्टी ने पूर्व राज्य मंत्री एस एस पलानीमणिक्कन समेत दस मौजूदा सांसदों को टिकट देने से इनकार कर दिया और टी आर बालू समेत केवल आठ मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका दिया गया है।
राजा (नीलगिरि सुरक्षित) और मारन को (मध्य चेन्नई) उन्हीं सीटों से पार्टी टिकट दिया गया है जिनका वह मौजूदा लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। पुडुचेरी समेत तमिलनाडु के लिए यहां जारी 35 उम्मीदवारों की सूची में द्रमुक ने दस मौजूदा सांसदों को लाइनहाजिर कर दिया है और टी आर बालू समेत केवल आठ मौजूदा सांसदों को उम्मीदवार बनाया गया है। साथ ही द्रमुक ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह अपनी पूर्व सहयोगी कांग्रेस के लिए दरवाजे बंद कर चुकी है जिसके साथ उसने श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे परपिछले साल मार्च में संबंध समाप्त कर लिए थे।
कुछ समय से ऐसी अटकलें लगायी जा रही थीं कि भाजपा द्वारा ठोस गठबंधन बनाए जाने की सूरत में द्रमुक कांग्रेस को अपने गठबंधन में वापस ले सकती है।
अलग-थलग पड़ी कांग्रेस के प्रदेश में अकेले ही चुनाव मैदान में उतरने की संभावना दिख रही है क्योंकि कोई भी द्रविड पार्टी या स्थानीय पार्टी उसके साथ गठबंधन बनाने को आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। इस परिदृश्य से 1998 के लोकसभा चुनाव की यादें सताने लगी हैं जब कांग्रेस ने अकेले 35 सीटों पर चुनाव लड़ा था और वह खाता भी नहीं खोल पायी थी। कांग्रेस ने 2009 में नौ सीटें जीती थीं। उस समय उसने द्रमुक के साथ गठबंधन कर 16 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में करुणानिधि ने सूची जारी करते हुए कहा कि पांच सीटें पार्टी के सहयोगी दलों वीसीके, आईयूएमएल, एमएमके और पीटी को आवंटित की गई हैं। पार्टी ने न केवल मदुरै सीट के सांसद और दक्षिणी क्षेत्र के कद्दावर नेता अलागिरी को टिकट देने से इनकार कर दिया है बल्कि उनके समर्थकों डी नेपोलियन (पैराम्बलूर) और जे के रितिश (रामनाथपुरम) को भी किनारे लगा दिया है। अलागिरी को द्रमुक ने अनुशासनहीनता के आरोपों में पार्टी से निलंबित कर दिया था।
लोकसभा में श्रीपेरूम्बलूर का प्रतिनिधित्व करने वाले बालू को तंजावूर भेज दिया गया है। टीकेएस ईलानगोवन उत्तरी चेन्नई के बजाय दक्षिणी चेन्नई से चुनाव लड़ेंगे। इस समय वह उत्तरी चेन्नई सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए करुणानिधि ने राजा और मारन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा, ‘उनके खिलाफ कमजोर आरोप हैं।’
अलागिरी द्वारा नई पार्टी गठित करने के लिए अपने समर्थकों के संपर्क में रहने संबंधी टिप्पणी के संबंध में किए गए सवाल का सीधा जवाब देने से बचते हुए द्रमुक प्रमुख ने आक्रोशित अंदाज में कहा, ‘यह (संवाददाता सम्मेलन) द्रमुक उम्मीदवारों की सूची जारी करने के लिए है। मेहरबानी करके आहत करने वाले सवाल न पूछें।’ उन्होंने मदुरै सीट से वी वेलुचामी के नाम की घोषणा की जहां से इस समय अलागिरी लोकसभा सदस्य हैं।
अपने बेटे और बेटी स्टालिन तथा कनिमोई, द्रमुक महासचिव के अनबझगम और अन्य नेताओं के साथ मौजूद करूणानिधि ने कहा कि आज की सूची में परिवर्तन हो सकता है क्योंकि ऐसे संकेत हैं कि कुछ और सहयोगी उनकी पार्टी की अगुवाई वाले डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव एलायंस में शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने हालांकि कहा कि दो वाम दलों माकपा और भाकपा के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है जो पिछले सप्ताह अन्नाद्रमुक गठबंधन से बाहर हो गयी हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी वाम के डीपीए में शामिल होने के लिए कोई समय सीमा तय करेगी , उन्होंने कहा कि द्रमुक जैसी लोकतांत्रिक और सीधी बात करने वाली पार्टी इस संबंध में शर्ते तय नहीं कर सकती ं तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं। (एजेंसी)



First Published: Monday, March 10, 2014 - 18:18


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