नरेंद्र मोदी को 2002 के गुजरात दंगों के लिए नहीं ठहराया जा सकता है जिम्‍मेवार: केपीएस गिल

पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोची के बचाव में उतर आए हैं। गिल ने कहा कि गुजरात में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटना पुलिस नेतृत्व का काम है।

Updated: Nov 1, 2013, 02:45 PM IST

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो
नई दिल्ली : पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक केपीएस गिल गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोची के बचाव में उतर आए हैं। गिल ने कहा कि गुजरात में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटना पुलिस नेतृत्व का काम है।
जिस समय गुजरात दंगे हुए उस समय प्रशासन पर मोदी की पूरी पकड़ नहीं हो पाई थी। मोदी को सीएम बने उस वक्‍त कुछ ही समय हुए थे। गिल ने कहा कि दंगे गुजरात पुलिस की नाकामी की वजह से हुए और उस समय पड़ोसी राज्‍यों ने भी गुजरात की मदद नहीं की। गौर हो कि नरेंद्र मोदी के सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं गिल। वह 2002 में दंगे के वक्‍त मोदी के सलाहकार थे।

गुजरात दंगों से जोड़कर सवाल पूछे जाने पर गिल ने संवाददाताओं से कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में कार्रवाई करना पुलिस नेतृत्व का काम है और यह काम राजनीतिक नेतृत्व का नहीं है। साल 2002 में मोदी के सुरक्षा सलाहकार रह चुके गिल आज अपनी जीवनी ‘केपीएस गिल: द पैरामाउंट कॉप’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे।
इस पुस्तक में गिल ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री हिंसा खत्म करने के लिए गंभीर थे और उन्होंने दूसरे दलों पर मोदी को बदनाम करने का आरोप लगाया है।