कांग्रेस का असली गेम प्लान है एके-14

विधानसभा चुनाव-2013 में दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में करारी हार के बाद कांग्रेस सतर्क हो गई है और लोकसभा चुनावों में ऐसे सियासी समीकरण पर काम कर रही है ताकि विधानसभा चुनावों जैसी करारी हार का सामना न करना पड़े। कांग्रेस ने लोकसभा में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए प्लान `AK-14` बनाया है।

Updated: Mar 31, 2014, 06:46 PM IST

प्रवीण कुमार
विधानसभा चुनाव-2013 में दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में करारी हार के बाद कांग्रेस सतर्क हो गई है और लोकसभा चुनावों में ऐसे सियासी समीकरण पर काम कर रही है ताकि विधानसभा चुनावों जैसी करारी हार का सामना न करना पड़े। कांग्रेस ने लोकसभा में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए प्लान `AK-14` बनाया है। कांग्रेस इस प्लान `AK-14` के जरिए आगामी लोकसभा चुनावों में अपनी जीत का रास्ता बनाना चाहती है। कांग्रेस को यह भी मालूम है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की छवि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भारी पड़ रही है, इसलिए उसने यह प्लान बनाया है।

ज़ी मीडिया के मुताबिक कांग्रेस नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता के मुकाबले अरविंद केजरीवाल को खड़ा करना चाहती है। कांग्रेस पार्टी का मकसद है कि आम चुनाव-2014 राहुल गांधी बनाम नरेन्द्र मोदी के बीच न लड़ा जाए बल्कि आम चुनाव में अरविंद केजरीवाल की साफ-सुधरी छवि को नरेन्द्र मोदी के आगे खड़ा कर दिया जाए। इसलिए उसने दिल्ली में आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाया, यह भी कांग्रेस के प्लान का हिस्सा था। यह बात कांग्रेस के नेताओं के बयान से भी सामने आ रही है कि वे आम आदमी पार्टी की नीतियों पर कम ही प्रतिक्रियाएं देते हैं। भाजपा को भी यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी को हथियार बनाकर उससे लड़ रही है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी यह मालूम है। उन्होंने इस बारे में एक बयान भी दिया है कि लोकसभा चुनाव कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच लड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल कांग्रेस को लेकर नरम भी हो गए हैं। चुनावों से पहले कॉमनवेल्थ और अन्य भ्रष्टाचारों को लेकर कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे और सबूत दे रहे थे, वही केजरीवाल अब इन घोटालों को लेकर सबूतों की बात करने लगे हैं। कभी आंदोलन में केजरीवाल की साथी रहीं किरण बेदी भी कह चुकी हैं कि आम आदमी पार्टी को वोट देना मतलब कांग्रेस को चुनना है। कांग्रेस पीछे के रास्ते से सत्ता हासिल करना चाहती है। इसे कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी का अप्रत्यक्ष गठबंधन तथा नरेंद्र मोदी के तूफान को रोकने का छिपा एजेंडा कर सकते हैं।