मोदी ने EC पर साधा निशाना, काशी में मोदी का काफिला बदला 'रोड-शो' में

Last Updated: Friday, May 9, 2014 - 13:35

ज़ी मीडिया ब्यूरो/संजीव कुमार दुबे
वाराणसी : नरेंद्र मोदी ने आज चुनाव आयोग पर खुलकर निशाना साधते हुए उस पर ‘दबाव में’ काम करने और उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। मोदी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया और कहा कि वह दबाव में काम कर रहा है। मोदी ने आरोप लगाया कि वाराणसी में उनकी रैली को रद्द किया जाना मां-बेटे सरकार की ‘मैच फिक्सिंग’ का परिणाम है। इसके जरिये उनका इशारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर था।
वाराणसी संसदीय क्षेत्र में शहर मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर रोहनिया में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सुरक्षा चिंताओं के चलते उनकी रैलियों को रद्द करवा दिया। मोदी ने कहा कि यदि वाराणसी में रैलियों से उनके लिए सुरक्षा जोखिम है तो ‘क्या केन्द्र की यह मां..बेटे की सरकार एक व्यक्ति को सुरक्षा भी नहीं दे सकती।’ उन्होंने स्थानीय प्रशासन और चुनाव अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सुरक्षा जोखिम की बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि रोहनिया में ऐसा कोई खतरा प्रतीत नहीं हो रहा जो महज 12 किमी दूर है। उन्होंने दावा किया कि केन्द्रीय गृह एवं वित्त मंत्रियों ने स्वयं यह कहा था कि मोदी को कोई सुरक्षा खतरा नहीं है। साथ ही मोदी ने यह भी कहा कि मैं झूठ की राजनीति नहीं करता हूं।
उधर, मोदी ने यहां एक रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद जब वह अपने कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के लिए बीएचयू हेलीपैड से सड़क मार्ग से भाजपा कार्यालय के लिए निकले तो मोदी के काफिले ने एक विशाल रोड शो का आकार ले लिया।
वाराणसी से चुनाव लड़ रहे नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं ने आज चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला जिसके जवाब में चुनाव आयोग ने भेदभाव के आरोपों को खारिज करने के लिए संवाददाता सम्मेलन बुलाया और स्पष्ट किया कि वह अपने काम करने में ‘किसी व्यक्ति, किसी राजनीतिक दल या किसी संगठन से डरता नहीं’ है।
मोदी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर के हैलीपैड पर उतरने के बाद सिगरा स्थित भाजपा के प्रमुख चुनाव कार्यालय तक पांच किलोमीटर लंबा अघोषित साढ़े तीन घंटे का रोड शो किया जहां बड़ी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात किया गया था। रोड शो के पूरे रास्ते में, केसरिया रंग की टोपी पहने समर्थकों ने मोदी का स्वागत किया और ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए। उनका काफिला एक बैठक के स्थल तक धीरे-धीरे पहुंचा जहां उन्होंने बंद कमरे में वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों के साथ विचार विमर्श किया। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर) एमसी सिंह ने कहा कि शहर में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा के आदेश दिये गये हैं।
वरिष्ठ भाजपा नेता अरूण जेटली और अमित शाह सहित भाजपा के प्रमुख नेता सुबह से ही यहां बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के बाहर निर्वाचन अधिकारी प्रांजल यादव के कथित भेदभावपूर्ण रवैये और रैली की अनुमति नहीं देने के खिलाफ धरने पर बैठ गए जबकि दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ता चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन करना चाह रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें आयोग के कार्यालय से कुछ दूर रोक दिया और क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी।
मोदी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रचार अभियान शुरू करने से पहले ट्विटर पर कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनाव आयोग संस्था की तटस्थता को लेकर चिंतित नहीं है। इसलिए हमारे कार्यकर्ताओं को सत्याग्रह शुरू करना पड़ा।’ उन्होंने चुनावी जनसभा में चुनाव आयोग की आलोचना करना जारी रखा। वाराणसी के बाहरी इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग ‘दबाव में’ काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ विस्तृत रूप से नहीं कहा।
मोदी ने शहर में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्र बेनियाबाग में एक सभा को संबोधित करने की अनुमति नहीं मिलने के परोक्ष संदर्भ में कहा, ‘चुनाव आयोग को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। मुझे नहीं पता कि वे किसके दबाव में काम कर रहे हैं। मेरा भाषण बहुत महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि लोगों को मेरी चुप्पी से ही मेरा संदेश मिल जाएगा।’ भाजपा ने वैकल्पिक स्थल के लिए आवेदन किया था लेकिन किसी अन्य जगह रैली आयोजित करने की अनुमति मिलने के बावजूद उसने इसे ठुकरा दिया। पार्टी बेनियाबाग में ही रैली के लिए अड़ गई और चुनाव आयोग पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
मोदी ने कांग्रेस के संदर्भ में कहा कि जनता ने इस पार्टी को हराने का फैसला किया है और ‘चुनाव आयोग आपको नहीं जिता सकता।’ रैली आयोजित करने की मंजूरी नहीं मिलने के लिए सुरक्षा को कारण बताए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी सुरक्षा के बारे में चिंता की जरूरत नहीं है क्योंकि वह अपने देश के लिए मरने को तैयार हैं।
उन्होंने गंगा पूजा के लिए जल्द वापस आने का वादा करते हुए कहा, ‘अब भी यह मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। क्या मैं किसी अन्य प्रत्याशी की तरह अधिकारों का हकदार नहीं हूं। मुझे मां गंगा से मिलने की अनुमति भी नहीं दी गई।’ उन्होंने दावा किया कि उन्हें बीते 14 वर्ष से निशाना बनाया जा रहा है और यहां तक कि सीबीआई को उनके पीछे छोड़ा गया है।
वाराणसी में पिछले कुछ दिनों से डेरा डाले जेटली ने भी आयोग पर हमला किया और कहा कि वह चुनाव आयोग के प्रति अपनी निराशा को छिपा नहीं सकते। उन्होंने कहा, ‘संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को निर्भीक होने की जरूरत है। कायर लोग उच्च पदों को बौना कर सकते हैं।’ जेटली ने आरोप लगाया कि वाराणसी शहर में मोदी की रैली नहीं होने देने के निर्वाचन अधिकारी के कदम का समर्थन कर आयोग सुरक्षा कार्ड का इस्तेमाल कर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी को अपने क्षेत्र में प्रचार करने के अधिकार का इस्तेमाल करने से रोक रहा है।
उन्होंने कहा, ‘अगर आप सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं तो देश में चुनाव मत कराईए। लेकिन आप चुनाव कराते हैं तो सबको समान अवसर मुहैया कराइए। उन्होंने कहा कि आयोग प्रत्याशी के प्रचार के अधिकार को नकार नहीं सकता। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी वाराणसी में रोड शो कर सकते हैं लेकिन मोदी रैली नहीं कर सकते हैं। सुरक्षा कार्ड को चुनिंदा तौर पर प्रयोग किया जा रहा है।’ (एजेंसी इनपुट के साथ)



First Published: Thursday, May 8, 2014 - 16:32


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