शरद पवार

आम चुनाव 2014 की सरगर्मियों के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार का रुख अस्‍पष्‍ट रहा है। कभी कांग्रेस को लताड़ने वाले पवार कुछ दिनों पहले मोदी का भी गुणगान भी कर चुके हैं। इन सबके बीच उनकी निगाहें प्रधानमंत्री पद पर भी टिकी हुई है। तीसरे मोर्चे की स्थिति उभरने पर यदि स्थितियां करवट लेती हैं तो पवार की निगाहें उस घटनाक्रम पर टिकी होंगी।

ममता बनर्जी

सियासत के पटल पर ममता बनर्जी कुछ अलग हैसियत रखती है। वह एक अलग मिजाज की सियासतदान है जिनके बारे में यह कहा जाता है कि उन्होंने काफी मेहनत के बाद सियासी मकाम हासिल की है।

मायावती

लोकसभा चुनाव 2014 के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती एक अहम लेकिन छुपी हुई प्लेयर हैं। फिलहाल मायावती अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव और अरविंद केजरीवाल की तुलना में कम नजर आ रही हैं और मायावती रैलियां नहीं की हैं। लेकिन आम चुनाव को ध्‍यान में रख वह पार्टी की रणनीतियों को बखूबी अंजाम दे रही हैं।

जयललिता जयराम

जीवन के हर संघर्ष को ताकत बनाकर आगे बढ़ने वालों की बात करें तो जुबां पर एक नाम सबसे पहले आता है और वह नाम है जयललिता।

नरेंद्र मोदी

`अच्छा क्या है और बुरा क्या है उसे मतदाता भली-भांति समझता है। जब भी स्वतंत्र रूप से निर्णय करने का अवसर आता है, वह सभी चीजों को ध्यान में रखकर निर्णय करता है।`

नीतीश कुमार : निशाने पर पीएम पद

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को पटना जिले के बख्तियारपुर में हुआ। नीतीश के पिता का नाम श्री कविराज राम लखन सिंह और माता का नाम श्री मति परमेश्वरी देवी है।

समाजवाद के सबसे बड़े चेहरों में शुमार होते हैं मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव यूपी और देश की राजनीति में एक बड़ा साख रखते हैं और उनकी सियासी रसूख का दायरा लंबा है।

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्षराहुल गांधी वर्ष 2004 से संसद के सदस्य हैं। वह लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व करते हैं। राहुल को वर्ष 2007 में कांग्रेस का महासचिव बनाया गया। उनके पास पार्टी के युवा एवं छात्र संगठनों के प्रभार भी हैं। जनवरी 2013 में राहुल को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।

सियासत का `आम आदमी` अरविंद केजरीवाल

इंजीनियर से नौकरशाह और नौकरशाह से सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता से राजनीतिज्ञ बने अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी को दिल्ली प्रदेश में सत्ता में लाकर राजनीतिक सोच बदल दी।