राहुल गांधी का नरेंद्र मोदी पर पलटवार, बोले- नीच कर्म होते हैं, जाति नहीं

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि नीच कर्म होते हैं, जाति नहीं।

| अंतिम अपडेट: May 7, 2014, 12:57 PM IST

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो/बिमल कुमार
लखनऊ : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि नीच कर्म होते हैं, जाति नहीं।
गौर हो कि आज अमेठी लोकसभा सीट पर वोट डाले जा रहे हैं और राहुल गांधी भी अपने संसदीय क्षेत्र में मौजूद हैं। राहुल गांधी ने आज सुबह संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा कि नीच कर्म होते हैं। कोई जाति नीच नहीं होती।
राहुल ने मोदी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि गुस्से और नफरत की सोच नीच होती है। इसलिए लोग अधिक से अधिक मतदान करें। उन्होंने कहा कि नीच सोच होती है, गुस्से की होती है, क्रोध की होती है, नीच जाति नहीं होती। राहुल ने कहा कि मेरा फोकस लोकतंत्र मजबूत करने को है। उन्होंने कहा कि सभी को वोट डालना चाहिए।
भाजपा और कांग्रेस के बीच `नीच राजनीति` को लेकर बहस तब शुरू हुई, जब सोमवार को कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका वाड्रा ने एक जनसभा में कहा था कि भाजपा उनके `शहीद` पिता राजीव गांधी पर `नीच राजनीति` कर रही है।
मतदान के दौरान पहली बार अमेठी में मौजूद राहुल ने लोगों से मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिाक लोगों, खासकर महिलाओं और युवाओं को घरों से निकलकर मतदान करना चाहिए।
मतदान के दिन पहली बार अमेठी में मौजूद होने के कारण के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि अपने परिवार के पास आने के लिए दिन और समय नहीं देखा जाता है। इस बीच, अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल के ‘नीच कर्म’ संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शहीद की विधवा का घर उजाड़कर उस पर आदर्श मकान बनाना, गरीबों को देने के बजाय अनाज को गोदाम में सड़ाना, सरहद पर सैनिकों के सिर काटने वालों को बिरयानी खिलाना सबसे बड़े नीच कर्म होते हैं। उन्होंने कहा की जनता की शक्ति का ही नतीजा है कि राहुल आज पहली बार मतदान के दिन अमेठी में घूम रहे हैं।
जिक्र योग्‍य है कि प्रियंका ने अभी हाल में कहा था कि मोदी ने अमेठी की धरती पर मेरे शहीद पिता का अपमान किया है। अमेठी की जनता इस हरकत के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इनकी नीच राजनीति का जवाब मेरे बूथ कार्यकर्ता देंगे..अमेठी के एक-एक बूथ से जवाब आएगा। बहरहाल, मोदी ने अपने तेवर और तल्ख करते हुए कहा कि यह तो इतिहास की सचाई है कि मैं नीची जाति में पैदा हुआ लेकिन मैं देश को भरोसा देता हूं कि मेरी राजनीति निम्न स्तर की नहीं है। मेरा सपना है एक भारत, श्रेष्ठ भारत।
इसके जवाब में मोदी ने मंगलवार को एक जनसभा में कहा था कि चूंकि वह समाज के निचले वर्ग से आते हैं, इसलिए उनकी राजनीति को नीच कहा जा रहा है। ‘नीच राजनीति’ संबंधी प्रियंका गांधी की टिप्पणी के जवाब में मोदी ने मंगलवार को उत्‍तर प्रदेश के डुमरियागंज में एक रैली के दौरान जाति का कार्ड खेलते हुए पूछा कि क्या निचली जाति से संबंधित होना अपराध है और कहा कि उन्होंने चाय बेची है, देश को नहीं बेचा। रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि निचली जाति के लोगों को हेय दृष्टि से देखा जाता है और बाहर बैठने को मजबूर किया जाता है। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि आप जितना चाहे उतना मोदी का अपमान करें, आप उसे फांसी पर चढ़ा दें। लेकिन निचली जाति के लोगों का अपमान नहीं करें। मेरे ऊपर हमला किया गया और चाय बेचने वाला कहा गया जैसे कि मैंने कोई अपराध किया हो।
गौर हो कि अमेठी से राहुल गांधी साल 2004 और 2009 में लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।