राम मंदिर निर्माण हमारी आस्था : उमा भारती

Last Updated: Sunday, April 6, 2014 - 16:38

भोपाल : भाजपा उपाध्यक्ष एवं उत्तरप्रदेश की झांसी संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी उमा भारती ने कहा है कि राम मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक है, लेकिन इस चुनाव में विकास और पिछड़ापन ही मुद्दा है।
उमा ने दो दिन तक यहां स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद आज सुबह झांसी रवाना होने से पहले संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘राम मंदिर निर्माण हमारी आस्था है, लेकिन इस चुनाव में विकास और पिछड़ापन मुद्दा है।’ उमा दो दिन पहले गत शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार के बीच अचानक अस्वस्थ्य होने की वजह से भोपाल आ गई थीं तथा चिकित्सकों की सलाह पर आराम करने के बाद आज सुबह झांसी के लिए रवाना हो गई, जहां वह अपने चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगी।
एक सवाल के जवाब में भाजपा की तेजतर्रार नेता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी किसी भी सूरत में इस देश की प्रधानमंत्री नहीं हो सकतीं। ये हमने तय किया है। भोपाल से भारी उहापोह के बाद आलोक संजर को पार्टी द्वारा टिकट दिए जाने को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होने कहा कि भोपाल से पहली बार ‘वीआईपी कल्चर’ से हटकर एक जमीनी कार्यकर्ता को टिकट दिया गया है। इसके लिए उन्होंने (उमा) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी है। उन्होने कहा कि आलोक संजर की भोपाल सीट से जीत सुनिश्चित है।
हिन्दू वोटों का भाजपा और मुस्लिम वोटों का कांग्रेस द्वारा किए जा रहे ध्रुवीकरण के प्रयास को लेकर पूछने पर उमा ने कहा, ‘साजिश भाजपा की तरफ से नहीं, बल्कि संप्रग का ‘डर्टी ट्रिक डिपार्टमेंट’ ये सब कर रहा है।’ क्या अब उनका स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है, इस सवाल पर भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा, ‘पार्टी को पहले कहा था कि मेरी तबियत खराब है, चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, लेकिन पार्टी के आदेश को स्वीकार करना मेरा धर्म है।’
गौरतलब है कि गत शुक्रवार देर शाम भोपाल पहुंची उमा देर रात तक अपने निजी चिकित्सकों की टीम से घिरी रहीं। उनके आवास पर मीडिया और मुलाकातियों की भीड़ लगी रही लेकिन उनसे मिलने का मौका किसी को नहीं मिला। इस बीच राजनीतिक हलकों में यह अफवाह तेजी से चल पड़ी कि उमा झांसी से चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं। हालांकि इसका पटाक्षेप कल उमा के कार्यालय प्रभारी सुरेंद्र बाडीका के लिखित बयान से हो गया, जिसमें कहा गया था कि वह शाम तक झांसी लौट सकती हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वह आज सुबह झांसी के लिए रवाना हो सकीं।
ताजा राजनीतिक घटनाक्रम से प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को भी कहने का मौका मिल गया कि उमा भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी और लड़ाई की शिकार हैं। यही वजह है कि ‘राजनीतिक बुखार’ के कारण वह झांसी से अचानक भोपाल लौटीं। चुनावी भाषणबाजी के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की भाषण शैली को लेकर उमा द्वारा की गई तुलना भी विवाद का विषय बनी। इसके पहले उमा को रायबरेली से चुनाव लड़ाने की चर्चाएं भी उठीं थीं पर यह प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ सका।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे ने कल कहा था, ‘मेरी कामना है कि उमाजी जल्द स्वस्थ हों और वह प्रसन्न रहें। वह जिस तरह भाजपा में अपनों से घिर गई हैं उसके कारण उन्हें सियासी बुखार ने जकड़ लिया है।’ (एजेंसी)



First Published: Sunday, April 6, 2014 - 16:38


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