भारत में बालविवाह प्रथा खत्म होने में लगेंगे 50 बरस : यूनीसेफ

Last Updated: Tuesday, August 26, 2014 - 13:15
भारत में बालविवाह प्रथा खत्म होने में लगेंगे 50 बरस : यूनीसेफ

कोलकाता : भारत में बाल विवाहों के मामले पिछले दो दशक में कम जरूर हुए हैं लेकिन इस कमी की रफ्तार इतनी धीमी है कि इस कुप्रथा को पूरी तरह खत्म होने में अभी 50 बरस और लग जाएंगे।

भारत में यूनीसेफ की बाल सुरक्षा विशेषज्ञ डोरा गियूस्टी ने बताया ‘पिछले दो दशक से बाल विवाह की संख्या में हर साल एक फीसदी की कमी आई है और यही सिलसिला जारी रहा तो इसे पूरी तरह खत्म होने में कम से कम 50 साल और लगेंगे।’ डोरा ने देश में बालविवाह और उस पर रोक के संदर्भ में परिदृश्य को चिंताजनक बताते हुए कहा ‘यह अवधि इतनी लंबी है कि तब तक लाखों लड़कियों का बाल विवाह हो चुका होगा।’

उन्होंने बताया ‘20 से 24 साल की विवाहित महिलाओं के अध्ययन से पता चलता है कि उनमें से 43 फीसदी का विवाह तो 18 साल से कम उम्र में ही हो गया था और सर्वे के दौरान हर पांच में से दो महिलाओं ने बताया कि उनका बाल विवाह हुआ था।’ जुलाई में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बाल विवाह के प्रचलन के मामले में भारत का स्थान छठा है जहां हर तीन बाल वधुओं में से एक देश में रहती है।

यूनीसेफ की अधिकारी ने बताया कि देश में कुछ समुदायों और समूहों में अभी भी बालविवाह का प्रचलन है और इस पर रोक की गति धीमी होने का मुख्य कारण इस बारे में फैली भ्रांतियां हैं। डोरा ने कहा ‘सामाजिक और लैंगिक कारणों के चलते आज भी बाल विवाह का चलन है। लड़कियों को बोझ समझा जाता है और उनपर किसी भी निवेश को व्यर्थ माना जाता है। पीढ़ियों से लड़कियों के युवा होते ही उनके अभिभावक यह सोच कर उनका विवाह कर देते हैं कि इससे वे हिंसा से बच सकेंगी।’

उन्होंने बताया ‘समुदाय अक्सर परिवर्तन पसंद नहीं करते। इसके अलावा गरीबी, विवाह पर होने वाला भारी भरकम खर्च और शिक्षा तथा लड़कियों के लिए अवसरों का अभाव इस चलन पर रोक की राह में बाधक हैं।’ लड़कियों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप और उसकी पढ़ाई जारी रखने में मदद के लिए भारत सरकार की नगद स्थानांतरण योजना से क्या बाल विवाह रोकने में मदद मिली है? इस सवाल पर डोरा ने कहा ‘एक हालिया अध्ययन बताता है कि इस योजना से लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने और उनका विवाह देर से करने में मदद मिली है लेकिन इसका दीर्घकालिक असर नहीं हुआ जैसे अभिभावकों की मानसिकता बदलने में इससे कोई मदद नहीं मिली।’ अधिकारी के अनुसार, देश से बाल विवाह के पूरी तरह उन्मूलन के लिए एक ‘‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’’ की जरूरत है।

भाषा

First Published: Tuesday, August 26, 2014 - 13:15


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