इसरो ने मंगल मिशन पर टीसीएम-2 का किया प्रयोग

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगल की कक्षा में स्थित अपने अंतरिक्षयान पर दूसरी प्रक्षेपपथ संशोधन युक्ति (ट्रेजेक्टरी करेक्शन मैनूवर-2) का प्रयोग किया है।

Updated: Jun 12, 2014, 06:44 PM IST
इसरो ने मंगल मिशन पर टीसीएम-2 का किया प्रयोग

चेन्नई : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगल की कक्षा में स्थित अपने अंतरिक्षयान पर दूसरी प्रक्षेपपथ संशोधन युक्ति (ट्रेजेक्टरी करेक्शन मैनूवर-2) का प्रयोग किया है।

इसरो के एक बयान के अनुसार, 11 जून, 2014 को शाम 4.30 बजे अंतरिक्षयान के 22 न्यूटन थ्रस्टरों (प्रक्षेपकों) का प्रहार 16 सेकेंड की अवधि के लिए करके टीसीएम-2 को क्रियान्वित किया गया। फिलहाल अंतरिक्षयान और पृथ्वी के बीच की रेडियो दूरी 10.2 करोड़ किलोमीटर है।

इसमें कहा गया है कि पृथ्वी से अंतरिक्षयान तक एक रेडियो सिग्नल भेजने में करीब 340 सेकेंड लगते हैं। इसरो ने पहले घोषणा की थी कि अप्रैल में होने वाले टीसीएम की जरूरत नहीं है और उसे इस महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। अंतरिक्षयान 68 करोड़ किलोमीटर की अपनी कुल यात्रा में अब तक 46.6 करोड़ किलोमीटर की यात्रा कर चुका है। मंगल मिशन को पिछले साल 5 नवंबर को श्रीहरिकोटा से भेजा गया था। उसे इस साल 24 सितंबर तक मंगल के वातावरण में पहुंचाने का उद्देश्य है जो 9 अप्रैल को आधी दूरी तय कर चुका है।

450 करोड़ रुपये की यह परियोजना ग्रहों के अनुसंधान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों को बेहतर अवसर प्रदान कर सकती है। (एजेंसी)