लगता है सचिन और मैं अब दुश्मन बन गए: विनोद कांबली

क्रिकेट के भगवान भारत रत्न सचिन तेंदुलकर और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर विनोद कांबली अपने खेल के शुरुआती दिनों से ही बहुत ही क्लोज फ्रैंड जाने जाते हैं। लेकिन यह सब बीते दिनों की बात हो गई है। विनोद कांबली ने ज़ी मीडिया से बात करते हुए ऐसा खुलासा किया जो चौकाने वाला है। उन्होंने कहा, पिछले सात वर्षों से मेरी और सचिन की मुलाकात नहीं हुई है।

Updated: Nov 21, 2013, 11:35 AM IST

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली: क्रिकेट के भगवान भारत रत्न सचिन तेंदुलकर और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर विनोद कांबली अपने खेल के शुरुआती दिनों से ही बहुत ही क्लोज फ्रैंड जाने जाते हैं। लेकिन यह सब बीते दिनों की बात हो गई है। विनोद कांबली ने ज़ी मीडिया से बात करते हुए ऐसा खुलासा किया जो चौकाने वाला है। उन्होंने कहा, पिछले सात वर्षों से मेरी और सचिन की मुलाकात नहीं हुई है।
कांबली ने कहा, इसका मुझे काफी दुख है कि मैंने लंबे समय से सचिन की आवाज नहीं सुनी है। उनकी आवाज सुने हुए सात वर्ष बीत गए हैं। हम सात वर्षों से एक-दूसरे से नहीं मिले हैं। इन सात वर्षों में हम दोनों के बीच सिर्फ कुछ एसएमएस का आदान-प्रदान हुआ है बस इतना ही। अब ऐसा लगता है कि हम दोनों एक-दुसरे के दुश्मन हो गए हैं।
हालांकि, कांबली ने कहा, जब मैंने 16 नवंबर को सचिन को विदाई टेस्ट में पिच पर रोते हुए देखा तो मुझे बहुत बुरा लगा। उन्होंने कहा, जब मैंने अपने दोस्त को वानखेड़े में रोते हुए देखा तो मेरे आंखों से भी आंसू निकल आए।
कांबली को अभी भी आशा है कि वह और सचिन फिर से दोस्त बन सकते हैं। मैंने दोस्त और क्रिकेटर ने नाते उसका हमेशा समर्थन किया है। मैंने पीठ पीछे उनके खिलाफ कभी कुछ गलत नहीं कहा। उन्होंने कहा, मुझे अभी भी उम्मीद है कि हम दोनों एक बार फिर दोस्त बन सकते हैं।
कांबली ने कहा, बीते दिनों में हम दोनों ने कई अच्छी यादों को साझा किया है। हम ने एक साथ खेला, 30 साल मजेदार गुजरा। उम्मीद है अब मुझे सचिन कॉल करेगा और हम एक बार फिर दोस्त हो जाएंगे। आप मुझे उसके बगल में खड़े पाएंगे।
सचिन ने अपने 24 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को अश्रुपूर्ण विदाई दी। उन्होंने अपना अंतिम मैच अपने होम ग्राउंड मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला। उन्होंने अपने अंतिम मैच में यादगार भाषण दिया। उन्होंने क्रिकेट करियर के दौरान जिन्होंने भी साथ दिया सभी को धन्यवाद दिया। परिवार के सदस्यों, दोस्तों, टीम के साथियों समेत सभी को थैंक्स कहा। लेकिन सचिन ने अपने पूरे भाषण में कही भी अपने बचपन के दोस्त विनोद कांबली का जिक्र नहीं किया।