चैंपियंस लीग: मुंबई दूसरी बार बना चैंपियन, सचिन को शानदार विदाई

Last Updated: Monday, October 7, 2013 - 13:10

नई दिल्ली : सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के टी-20 से विदाई मैच के रूप में याद किये जाने वाले फाइनल में रविवार को यहां मुंबई इंडियन्स ने आखिरी छह ओवरों के धमाल और हरभजन सिंह की उंगलियों के कमाल से राजस्थान रायल्स को 33 रन से हराकर दूसरी बार चैंपियन्स लीग का खिताब जीता।
सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ (39 गेंद पर 44) ने शुरू में रन बनाने का जिम्मा उठाया लेकिन आखिरी छह ओवर में 98 रन बनने से पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाली मुंबई की टीम छह विकेट पर 202 रन के बड़े स्कोर तक पहुंची। रोहित (14 गेंद पर 33) और मैक्सवेल (14 गेंद पर 37) ने इन ओवरों में मुख्य रूप से रन बटोरे। रायल्स की तरफ से प्रवीण ताम्बे ने फिर से शानदार गेंदबाजी की तथा 19 रन देकर दो विकेट लिये।
इसके जवाब में रायल्स एक समय अच्छी स्थिति में दिख रहा था। संजू सैमसन ने 33 गेंद पर चार चौकों और इतने छक्कों की मदद से 60 रन और अंजिक्य रहाणे ने 47 गेंद पर पांच चौकों और दो छक्कों की बदौलत 65 रन बनाये। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 67 गेंद पर 109 रन की साझेदारी की।
इसके बाद हरभजन ने कहर ढाया तथा 32 रन देकर चार विकेट लिये। रायल्स आखिर में 18 . 5 ओवर में 169 रन पर ढेर हो गया। उसने आखिरी सात विकेट 14 रन के अंदर गंवाये। कीरेन पोलार्ड ने आखिरी तीन विकेट लिये। मुंबई को विजेता बनने पर 25 लाख डॉलर मिले। रायल्स को 13 लाख डॉलर से ही संतोष करना पड़ा। इससे पहले मुंबई 2011 में हरभजन की अगुवाई में चैंपियन बना था।
चेन्नई सुपरकिंग्स चैंपियन्स लीग का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय टीम थी। उसने 2010 में खिताब जीता था। मुंबई ने आखिरी छह ओवर में धकाधूम किया तो रायल्स ने पावरप्ले के पहले छह ओवरों को निशाना बनाया। पहले ओवर में ही कुशाल परेरा (8) का विकेट गंवाने के बावजूद रायल्स ने पावरप्ले में 71 रन ठोके। सैमसन ने हरभजन पर छक्का जड़कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने धवन की गेंद छह रन के भेजने के बाद नाथन कोल्टर नाइल का स्वागत एक छक्के और दो चौकों से किया।
इस बीच रहाणे के बल्ले से भी दो छक्के निकले। सैमसन ने इसके बाद ओझा की गेंद भी छह रन के लिये भेजी और कीरेन पोलार्ड पर चौका जड़कर केवल 23 गेंद पर अर्धशतक पूरा किया जिसमें तीन चौके और चार छक्के शामिल थे। इससे रायल्स का स्कोर नौ ओवर में तिहरे अंक में पहुंच गया। सैमसन की पारी का अंत आखिर में प्रज्ञान ओझा और हरभजन ने मिलकर किया। सर्वाधिक रन बनाकर गोल्डन बैट बने रहाणे ने 37 गेंद पर लगातार चौथा अर्धशतक पूरा किया। वह चैंपियन्स लीग में लगातार चार अर्धशतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज हैं।
शेन वाटसन (8) ने पोलार्ड पर छक्का जड़कर हरभजन की गेंद पर इसी कैरेबियाई को कैच थमाया जिससे मुंबई की उम्मीदें जगी। हरभजन अचानक ही अपने पुराने रंग में लौट आये। उन्होंने एक ओवर में तीन विकेट निकालकर रायल्स की कमर तोड़ दी। इनमें रहाणे का विकेट भी शामिल था जिन्होंने सीमा रेखा पर कैच थमाया। इसके बाद उन्होंने स्टुअर्ट बिन्नी (10) और केवोन कूपर (4) को पवेलियन की राह दिखायी।
राहुल द्रविड़ आखिरी बार सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरे लेकिन केवल एक रन बनाकर बोल्ड हो गये। पोलार्ड ने 19वें ओवर में बाकी बचे तीनों विकेट भी निकाल दिये।
इससे पहले स्मिथ ने जेम्स फाकनर पर मिडविकेट पर छक्के से मुंबई की पारी की शुरूआत की। तेंदुलकर ने वाटसन की लगातार दो गेंदों पर खूबसूरत शाट जमाये। इनमें से दूसरी गेंद पर लगाया गया कवर ड्राइव बेमिसाल था। वाटसन ने हालांकि अगली गेंद पर तेंदुलकर का आफ स्टंप तीन मीटर दूर फेंक दिया।
अपने आखिरी टी20 मैच में तेंदुलकर ने 13 गेंद पर 15 रन बनाये। तेंदुलकर जब पवेलियन लौट रहे थे तो खचाखच भरे फिरोजशाह कोटला में दर्शकों ने खड़े होकर और साथी खिलाड़ियों ने गार्ड आफ आनर देकर उनका अभिवादन किया। तेंदुलकर भी अपना बल्ला हिलाकर अभिवादन स्वीकार करते रहे।
इससे पहले द्रविड़ को उनके साथी खिलाड़ियों ने गार्ड आफ आनर देकर मैदान में प्रवेश करवाया था। अगले पांच ओवर तक कोई बाउंड्री नहीं गयी और इस बीच केवल 20 रन बने। स्मिथ को फिर से ऊर्जावान बनने के लिये ड्रेसिंग रूम से संदेश की जरूरत पड़ी। उन्होंने 11वें ओवर में वाटसन की पहली तीन गेंदों को सीमा रेखा के दर्शन करा दिये लेकिन रायल्स के तुरूप के इक्के ताम्बे ने अगले ओवर में उनका आफ स्टंप उखाड़ दिया।
स्मिथ ने पांच चौके और एक छक्का लगाया। ताम्बे ने इसके बाद अंबाती रायुडु (24 गेंद पर 29 रन) को भी पवेलियन भेजा और इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 विकेट लेकर गोल्डन बाल बने। अन्य गेंदबाज हालांकि उनका अच्छा साथ नहीं दे पाये। उन सभी ने 10 रन या इससे अधिक की दर से रन लुटाये।
ताम्बे के ओवर समाप्त होने के बाद ही मुंबई के बल्लेबाज हावी हो पाये। इस बीच रोहित टी20 में 4000 रन पूरे करने वाले भारत के दूसरे और दुनिया के नौवें बल्लेबाज बने। विस्फोटक पोलार्ड केवल 15 रन बना पाये लेकिन मैक्सवेल ने अपनी कीमत चुकता करने में देर नहीं लगायी। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाये। दिनेश कार्तिक दो छक्कों की मदद से 15 रन बनाकर नाबाद रहे। (एजेंसी)



First Published: Sunday, October 6, 2013 - 23:53


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