महिला ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश करूंगी: सानिया

भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने 2013 में पांच युगल खिताब जीतने के बाद मौजूदा वर्ष को अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ में से एक करार दिया और उम्मीद जताई कि आगामी वर्ष में वह और अधिक ग्रैंडस्लैम जीतेंगी और एक दिन दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनेंगी।

हैदराबाद : भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने 2013 में पांच युगल खिताब जीतने के बाद मौजूदा वर्ष को अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ में से एक करार दिया और उम्मीद जताई कि आगामी वर्ष में वह और अधिक ग्रैंडस्लैम जीतेंगी और एक दिन दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनेंगी।
शहर के बाहरी हिस्से में अपनी टेनिस अकादमी में सानिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘लोग एक टूर्नामेंट जीतते हैं और कहते हैं कि यह साल उनके लिए अच्छा रहा। इसलिए मैं काफी खुश हूं। मेरे मुख्य लक्ष्य में से एक ग्रैंडस्लैम जीतने का प्रयास करना है। मैं और अधिक ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश करूंगी। साथ ही महिला ग्रैंडस्लैम जीतने की कोशिश भी करूंगी।’ उन्होंने कहा, ‘हम इसी के लिए खेलते हैं। शायद यही एक लक्ष्य है जो मैं अपने लिए तय कर सकती हूं।’ सानिया ने अपना हालिया खिताब चाइना ओपन के महिला युगल में जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ मिलकर जीता था।
उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा से कहती रही हूं कि जब मैं खेल रही होती हूं और अपने लिए लक्ष्य तय करती हूं तो मैं चोटिल हो जाती हूं। इसलिए मैंने अपने सामने लक्ष्य रखना बंद कर दिया। क्योंकि मैं इन्हें हासिल करती हूं और चोटिल हो जाती हूं। कभी कभी मुझे लगता है कि मैं अपने शरीर पर कुछ ज्यादा ही जोर लगा देती हूं।’
सानिया ने कहा, ‘अगर कोई साल की शुरूआत में मुझे कहता कि मैं इस साल पांच टूर्नामेंट जीतने वाली हूं तो मैं इसे खुशी से स्वीकार कर लेती।’ सानिया ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों की तरह वह भी उम्मीद करती हैं कि निकट भविष्य में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनें।
उन्होंने कहा, ‘भगवान ने चाहा तो एक दिन ऐसा होगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनने के लिए कोशिश करूं। हम इसी के लिए खेलते हैं। उम्मीद करती हूं कि निकट भविष्य में मैं ऐसा करने में सफल रहूंगी।’ (एजेंसी)