दिल्ली में सरकार गठन को लेकर आम आदमी पार्टी में मतभेद: केजरीवाल

दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) में अब मतभेद की बात सामने आई है। `आप` के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से दिल्ली में साझा सरकार के गठन के खिलाफ हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर इस मामले पर मतभेद हैं।

अंतिम अपडेट: Dec 19, 2013, 12:24 AM IST

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) में अब मतभेद की बात सामने आई है। `आप` के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से दिल्ली में साझा सरकार के गठन के खिलाफ हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर इस मामले पर मतभेद हैं।
केजरीवाल ने कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से सरकार बनाने के खिलाफ था क्योंकि हमने बार-बार कहा है कि हम कांग्रेस अथवा भाजपा को न तो समर्थन देंगे और न ही उनसे समर्थन लेंगे, लेकिन बाद में लोगों के एक वर्ग ने यह कहना शुरू कर दिया कि हमें सरकार बनानी चाहिए, जबकि दूसरा वर्ग इसका विरोध कर रहा था, इसलिए हमने इस बारे में फैसला लेने के लिए जनता के पास जाने का फैसला किया। हालांकि उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार बनाने का फैसला रविवार की रात को किया जाएगा और इसकी घोषणा सोमवार को होगी।
केजरीवाल ने कहा कि वह जनता के फैसले का सम्मान करेंगे, चाहे वह पार्टी के लिए हो या उसके खिलाफ। उन्होंने बताया कि इस मामले पर पार्टी में मतभेद है और विधायकों की बैठक के दौरान एक वर्ग का खयाल था कि आप को सरकार बनाने से बचना नहीं चाहिए क्योंकि कांग्रेस उसे बिना शर्त समर्थन दे रही है। कुछ विधायकों के अनुसार पार्टी अपना एजेंडा लागू कर पाएगी क्योंकि कांग्रेस की तरफ से कोई दखलंदाजी नहीं होगी।
अन्ना के साथ मतभेद पर केजरीवाल ने कहा कि उनके गुर (अन्ना हजारे) उनके दिल में हैं। हालांकि, निहित स्वार्थ वाली अनेक पार्टियों ने उनके बीच दरार पैदा करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कई लोग हैं जो मानते हैं कि ये दोनों साथ आकर एटम बम से भी शक्तिशाली होंगे। केजरीवाल ने हालांकि माना कि लोकपाल बिल को लेकर अन्ना के साथ उनका मतभेद है। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि यह बिल कमजोर है और मजबूत जनलोकपाल बिल के लिए संघर्ष करते रहेंगे। `आप` नेता ने कहा कि कई पार्टियों की बड़ी ताकतें उनके और हजारे के बीच दरार पैदा करना चाहती हैं क्योंकि वे मानते हैं अगर केजरीवाल और अन्ना ने हाथ मिला लिया तो यह परमाणु बम से भी ज्यादा खतरनाक हो जाएगा। केजरीवाल ने कहा, हरेक पार्टियों के सभी गलत लोगों ने अपने निहित स्वार्थ की वजह से हमें अलग करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। केजरीवाल ने कहा, जनलोकपाल के लिए लड़ाई जारी रहेगी और मैं इस विषय को जनता के समक्ष ले जाना चाहूंगा। हालांकि लोकपाल बिल 2013 बुधवार को लोकसभा में पारित हो गया। राज्यसभा में यह मंगलवार को पारित हो गया था।