आंध्र में आंदोलन समाप्ति के बाद बिजली घरों में काम शुरू

तटीय आंध्र और रायलसीमा में विद्युत कर्मियों ने चक्रवाती तूफान ‘फैलिन’ के मद्देनज़र अनिश्चितकालीन हड़ताल ‘अस्थायी रूप से’ समाप्त कर दी है जिसके बाद विजयवाड़ा और कडप्पा में दो ताप विद्युत केंद्रों में शुक्रवार को काम शुरू हो गया।

Updated: Oct 11, 2013, 03:26 PM IST

हैदराबाद : तटीय आंध्र और रायलसीमा में विद्युत कर्मियों ने चक्रवाती तूफान ‘फैलिन’ के मद्देनज़र अनिश्चितकालीन हड़ताल ‘अस्थायी रूप से’ समाप्त कर दी है जिसके बाद विजयवाड़ा और कडप्पा में दो ताप विद्युत केंद्रों में शुक्रवार को काम शुरू हो गया।
पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को मंजूरी देने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के विरोध में विद्युत कर्मी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। वे मांग कर रहे हैं कि केंद्र आंध्र प्रदेश को विभाजित करने के अपने निर्णय को वापस ले ले।
विजयवाड़ा के नरला टाटा राव ताप विद्युत केंद्र और कडप्पा में रायलसीमा ताप विद्युत केंद्र में काम शुरू हो गया है। इन दोनों केंद्रों की विद्युत उत्पादन करने की संयुक्त क्षमता 2,810 मेगावाट है। श्रीसैलम पन बिजली घर में भी विद्युत निर्माण शुरू हो गया है। इसकी बिजली पैदा करने की क्षमता 770 मेगावाट है। इससे विद्युत संकट की स्थिति से राहत मिली है। विद्युत संकट के कारण पिछले पांच दिनों से आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित थीं।
पॉवर जनरेशन कॉरपोरेशन ऑफ आंध्र प्रदेश लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के विजयानंद ने कहा कि विद्युत उत्पादन आज सुबह फिर से सामान्य हो गया क्योंकि कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं। (एजेंसी)