दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने केरल में दी दस्तक, उत्तर भारत में गर्मी का कहर जारी

देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाने वाला दक्षिण पश्चिम मॉनसून सामान्य तिथि से चार दिन के विलंब के बाद केरल में शुक्रवार को प्रवेश कर गया।

Updated: Jun 6, 2014, 02:08 PM IST

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम : देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाने वाला दक्षिण पश्चिम मॉनसून सामान्य तिथि से चार दिन के विलंब के बाद केरल में शुक्रवार को प्रवेश कर गया। दूसरी ओर, पूरे उत्तर भारत में लोगों को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है।
चिलचिलाती धूप के बीच जयपुर में अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो पिछले 33 वर्षों में सबसे ज्यादा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का अधिकतम तापमान भी करीब 45 डिग्री सेल्सियस को छू गया।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक एलएस राठौड़ ने मौसम विभाग के अधिकारियों की ओर से विगत दो दिनों के केरल में बरसात के स्वरूप का अध्ययन किए जाने के बाद आज कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून आ गया है। राठौड़ ने कहा कि शुरुआत में इसकी ‘धीमी प्रगति’ है। सामान्य तौर पर मॉनसून केरल में 1 जून को आता है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मौसम केरल में मॉनसून का प्रवेश 5 जून को हुआ।
मौसम विभाग के अधिकारीगण मॉनसून के आने की घोषणा करने से पहले वहां कल से ही बरसात और हवा के रख पर करीबी निगाह रख रहे थे। राठौड़ ने कहा कि केरल में मौसम विभाग के 13 केंद्र हैं और एक कर्नाटक में है जहां विगत दो दिनों में 2.5 मिमी की बरसात हुई है। यह मॉनसून के आने की घोषणा का महत्वपूर्ण आधार है।
उधर, पंजाब और हरियाणा में अधिकतम तापमान के सामान्य से कई डिग्री उपर जाने के साथ अधिकतर हिस्सों में गर्म हवाओं का कहर जारी है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू के थपेड़े जारी रहेंगे। उत्तर प्रदेश में भी लोगों को लू से कोई राहत नहीं मिल रही है और मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन तक प्रदेशवासियों को इसी भीषण गर्मी को झेलना होगा। राज्य में सबसे गर्म इलाहाबाद रहा जहां गुरुवार को अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। (एजेंसी इनपुट के साथ)