बिहार की जनता का धैर्य इतिहास में बेमिसाल : नरेंद्र मोदी

Last Updated: Saturday, November 2, 2013 - 22:50

पटना : भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने पटना में बीते 27 अक्तूबर को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के शिकार छह लोगों के परिजनों से आज मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और कहा कि वह इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।
पटना में हुंकार रैली के दौरान हुए सिलसिलेवार धमाकों के मृतकों के परिजन से मुलाकात कर हवाई अड्डा लौटने पर मोदी ने कहा, ‘रैली के दौरान बिहार की जनता ने जो धर्य दिखाया वह अभूतपूर्व है। यह आत्मिक शक्ति का परिचय कराता है जो हिंदुस्तान के इतिहास में बेमिसाल है।’ उन्होंने कहा, ‘चारों तरफ बम फटने, लोगों के खून से लथपथ होने, उन्हें उठाकर ले जाते हुए देखने के बावजूद कोई भगदड़ नहीं हुई, पूरी रैली के दौरान दिल से जुड़े रहे इसके लिए मैं बिहार की धरती और यहां के लोगों को शत-शत नमन करता हूं।’ हुंकार रैली के दौरान पटना के गांधी मैदान में हुए धमाकों में मारे गे लोगों के परिजनों से मुलाकात करने के लिए मोदी शुक्रवार रात पुणे से पटना पहुंचे थे।
इस ‘सांत्वना यात्रा’ के दौरान मोदी को सबसे पहले सिलसिलेवार धमाके में मारे गए राजनारायण सिंह के गांव अजीमचक पहुंचे। यह गांव गौरीचक थाने के अंतर्गत आता है। अजीमचक गांव में सिंह के परिजनों को सांत्वना देने के बाद मोदी कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड के निसिया गांव पहुंचकर नरेन्द्र मोदी मृतक विकास कुमार सिंह (28) के परिजन से मिले और उन्हें पांच लाख रुपये की सहायता राशि वाला चेक प्रदान किया।
कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक की पत्नी वीणा ने बताया कि नरेंद्र मोदी उन्हें सांत्वना देते हुए उसे नौकरी दिलवाने एवं उसके दोनों पुत्र की पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। सीरियल धमाके में मरने वाले गोपालगंज जिला के बरीधनेष गांव निवासी मुन्ना श्रीवास्तव के परिजन से मुलाकात करने के लिए नरेंद्र मोदी कैमूर से करीब 11 बजे गोपालगंज जिला के लिए रवाना हुए। लेकिन घने कोहरे के कारण वहां उनका हेलिकॉप्टर नहीं उतर पाया जिससे उन्हें वापस पटना लौटना पड़ा।
गोपालगंज से पटना लौटने पर नरेंद्र मोदी को सुपौल में भी मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। बेगूसराय और नालंदा जिला की यात्रा पर रवाना होने के पूर्व मोदी ने पटना हवाई अड्डा से ही फोन पर मुन्ना श्रीवास्तव की पत्नी प्रिया श्रीवास्तव से फोन पर बात कर उन्हें सांत्वना दी। मुन्ना की पत्नी से मोदी ने गुजराती में बात की और उनकी ढाई साल की पुत्री के लालन-पालन का जिम्मा उठाने का वादा किया। सुपौल नहीं जा पाने के कारण मोदी ने पटना हवाई अड्डा से ही सिलसिलेवार धमाके में मरे वहां के सिमराही निवासी भरत रजक के पुत्र शंकर से फोन पर बात की और उन्हें सांत्वना दी।
इसके बाद मोदी पटना हवाई अड्डे से हेलिकॉप्टर के जरिए बेगूसराय जिला के लिए रवाना हुए और वहां खुदाबंदपर प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर पश्चिम गांव जाकर सिलसिलेवार धमाके में मरे बिंदेश्वरी चौधरी के परिजनों से मुलाकात की और पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया। बेगूसराय से हेलिकॉप्टर के जरिए नरेंद्र मोदी अपनी इस यात्रा के अंतिम पड़ाव नालंदा के सरमेरा थाना अंतर्गत परनामा गांव पहुंचे तथा सिलसिलेवार धमाके में मरे राजेश कुमार के घर जाकर उनके परिजन से मुलाकात की एवं उन्हें पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
इसके बाद मोदी पटना लौट आए और चाटर्ड विमान से अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए। मोदी ने कहा, ‘दिवाली का त्योहार है। पाटलिपुत्र ऐतिहासिक धरती से बिहार वासियों, देश के नागरिकों तथा विश्वभर में फैले हुए हमारे सभी भारतीय बहनों को इस पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं कि अंधेरे से मुक्ति के लिए यह दीप और प्रकाश पर्व हम सभी को मार्ग दिखाएगा।’ मोदी ने कहा कि दीपावली के बाद बिहार का सबसे बड़ा पवित्र उत्सव छठ पर्व है और वह देशभर के बिहार वासियों को इस पर्व के लिए शुभकामना देते हैं।
मोदी ने घने कोहरे के कारण गोपालगंज और सुपौल जिलों में मृतकों के परिजनों से मुलाकात नहीं कर पाने पर अफसोस जताया और बताया कि इन दोनों परिवारों से फोन पर उन्होंने बातें की है तथा भविष्य में वे वहां जाने का प्रयास करेंगे। मोदी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता नंद किशोर यादव, पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी ठाकुर और रविशंकर प्रसाद सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
मोदी की इस बार की बिहार यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा में प्रदेश पुलिस के साथ ही गुजरात से आए करीब 150 पुलिसकर्मी लगे हुए थे जिनमें अपर पुलिस महानिदेशक रैंक के एक अधिकारी, दो पुलिस उपमहानिरीक्षक और छह पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे। मोदी की यात्रा के दौरान राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा के कडे प्रबंध के साथ प्रत्येक जिलों में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गयी थी। (एजेंसी)



First Published: Saturday, November 2, 2013 - 22:50


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