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मधुमेह का देसी इलाज

Tuesday, September 27, 2011, 12:35
Comments 1  
 
तेजी से तरक्की पाने की चाह ने लोगों का लाइफस्टाइल बदल दिया है. ना तो काम करने का कोई निश्चित टाइमटेबल रहा और न ही खाने और सोने का. अक्सर देर रात तक जागना और दिन में देर तक सोना लोगों की दिनचर्या हो गई है.
इस अनियंत्रित जीवन शैली ने प्रकृति के नियमों के साथ छेड़छाड़ किया तो प्रकृति ने भी लोगों को दंड के रुप में कई ऐसी बीमारियों दीं जिसे मानव ताउम्र उसकी चपेट में रहता है. उन्हीं बीमारियों में से एक है मधुमेह यानी डायबिटीज.
मधुमेह यानी डायबिटीज अब उम्र, देश और  परिस्थिति की सीमाओं को लाँघ चुका है.  दुनिया भर में मधुमेह के मरीजों का तेजी से बढ़ता आँकड़ा एक चिंता का विषय बना हुआ है.  मधुमेह के रोगियों के लिए कुछ देसी नुस्खे पेश किए गए हैं. इनमें से कोई  भी नुस्खे को आजमाने से पहले डॉक्टर की राय जरूर ले. मधुमेह के मरीजों को प्यास ज्यादा लगती है. अत बार-बार प्यास लगने पर पानी में नींबू निचोड़कर पीने से प्यास कम लगती है और वह स्थाई रूप से शांत होती है. मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन खाने की सलाह दी जाती है. ऐसा करने से बार-बार भूख लगती है. ऐसी स्थिति में खीरा खाकर अपनी भूख मिटानी चाहिए.  मधुमेह के रोगियों को गाजर और पालक का रस पीना चाहिए.  इससे आँखों की कमजोरी दूर होती है.  मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का सेवन अधिक करना चाहिए.  शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित चीनी की मात्रा कम हो जाती है.  अत शलजम की सब्जी और विभिन्न रूपों में सेवन करना चाहिए.  मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक दवा  है. जामुन मधुमेह के रोगी का ही फल है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में अत्यंत लाभकारी हैं. मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन करना चाहिए. जामुन की गुठली भी बहुत फायदेमंद होती है.  इसके बीजों में जाम्बोलिन नामक तत्व पाया जाता है जो स्टार्च को शर्करा में बदलने से रोकता है. गुठली का बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए. दिन में दो-तीन बार तीन ग्राम चूर्ण का पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा की मात्रा कम होती है. प्राचीन काल से करेले मधुमेह के इलाज में रामबाण माना जाता रहा है. इसके कड़वे रस के सेवन से रक्त में शक्कर की मात्रा कम होती है.
इन देसी नुस्खे का इस्तेमाल करके मधुमेह के रोगी अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं.
 


First Published: Tuesday, December 06, 2011, 21:20

टिप्पणी

ANIL KUMAR SAXENA - ROHINI
your advise about desi madicine for dibities is good for health
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