लापता विमान के तालिबान के कब्‍जे में होने का शक, पाक और अफगान से मदद मांगी

Last Updated: Tuesday, March 18, 2014 - 12:40

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो
कुआलालंपुर : कुलालालंपुर से बीते आठ मार्च को बीजिंग के लिए उडान भरने के एक घंटे बाद लापता हुए मलेशिया एअरलाइंस के विमान एमएच 370 की तलाश अभी तक जारी है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मलेशिया एअरलाइंस के इस लापता विमान को अफगान सीमा के पास तालिबान के कब्जे वाले इलाके में ले जाए जाने की आशंका है। इस आशय की खबरें एक इंटरनेशल अखबार में छपी है। अपुष्‍ट तौर पर ये बताया गया है कि विमान के एक संचार तंत्र को जानबूझकर बंद कर दिया गया थाए उसके बाद एक संदेश विमान के कॉकपिट से भेजा गया था। उधर, मलेशिया सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर अनुमति मांगने की कार्रवाई शुरू की है कि उसे अफगान सीमा से सटे पाकिस्‍तानी इलाके में जांच करने दी जाए। अफगानिस्‍तान और पाक सरकार से इस मामले में मदद मांगी गई है।
वहीं, मलेशिया के लापता विमान की तलाश के लिए 11 देशों के अभियान के तेज होने के बीच यह सबूत मिल रहे हैं कि विमान का गायब होना जानबूझकर की गयी कार्रवाई थी। इस बीच अधिकारियों ने कहा कि विमान के कॉकपिट से बोले गए आखिरी शब्द संभवत: सह पायलट के थे। उधर, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान की तलाश में मदद कर रहा अमेरिकी नौसेना का जहाज खोज अभियान से हट रहा है। अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े के प्रवक्ता कमांडर विलियम मार्क्‍स ने ईमेल के माध्यम से एक बयान में कहा कि नौसेना के 7वें बेड़े ने निर्धारित किया कि अब जब खोज का दायरा क्षेत्र दक्षिणी हिन्द महासागर तक बढ़ा दिया गया है, तो ऐसे लंबी दूरी के नौसेना विमान लापता विमान या उसके मलबे को ढ़ूंढ़ने में अधिक मददगार होंगे। लंबी दूरी के नौसेना के पी-3 और पी-8 निगरानी विमान खोज कार्य में लगे हुए हैं।
साक्ष्य से इस संकेत को बल मिल रहा है कि 10 दिन पहले लापता हुए विमान का अपहरण किया गया हो या तोड़फोड़ की कार्रवाई हुयी हो। यह बात उभर कर सामने आ रही है कि काकपिट से भेजा गया आखिरी संदेश तब भेजा गया था जब कोई विमान की स्वचालित ट्रैकिंग प्रणालियों में से एक को नाकाम कर रहा था। आखिरी शब्द ‘आल राइट, गुड नाइट’ संभवत: सह पायलट के थे।
मलेशिया एयरलाइंस के सीईओ अहमद जौहरी यह्या ने संवाददाताओं से कहा कि शुरूआती जांच से संकेत मिलते हैं कि सह पायलट ने टिप्पणी की थी। कैप्टन जेड ए शाह और उनके पहले अधिकारी एफ ए हमीद विमान के लापता होने के बाद जांच के दायरे में हैं। अधिकारी इस संभावना की भी जांच कर रहे हैं कि विमान ने बंगाल की खाड़ी के उपर व्यस्त हवाई मार्ग का लाभ उठाया हो और सैन्य रडार के संदेह से बच गया हो। विमान में 239 लोग सवार थे जिनमें पांच भारतीय और एक भारत-कनाडाई भी थे।
उधर, मलेशियाई सरकार नई सूचनाओं की जांच कर रही है कि लापता विमान वापस लौटने के बाद रडार से बचने के लिए 5000 फुट तक की उंचाई या संभवत: और नीचे आ गया था। विमान में 239 लोग सवार थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक बोइंग 777 उड़ान एम एच 370 की तलाश कर रहे जांचकर्ता इसका पता लगा रहे हैं कि क्या यह कम उंचाई पर उड़ान भर रहा था और कम से कम तीन देशों में रडार कवरेज से बचता रहा। अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं कि 239 लोगों को लेकर जा रहे विमान ने बंगाल की खाड़ी के उपर व्यस्त एयरवेज का फायदा उठाया और सैन्य रडार के संदेहों से बच निकला। अखबार ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि विमान के उपर जिस व्यक्ति का नियंत्रण था उसे वैमानिकी और नेविगेशन के बारे में उम्दा जानकारी थी और उसने साफ रास्ता छोड़ दिया। (एजेंसी इनपुट के साथ)



First Published: Tuesday, March 18, 2014 - 09:38


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