इमरान खान ने नवाज शरीफ दिया अल्टीमेटम, आज शाम तक इस्तीफा नहीं दिए तो PM आवास पर बोलेंगे धावा

पाकिस्तान के विपक्षी नेता इमरान खान ने आज शाम तक नवाज शरीफ के सत्ता से नहीं हटने की स्थिति में प्रधानमंत्री आवास पर धावा बोलने की धमकी दी है। सरकार विरोधी हजारों प्रदर्शनकारी भारी सुरक्षा वाले ‘रेड जोन’ में प्रवेश कर चुके हैं और संसद भवन के सामने शिविर स्थापित कर दिया है। खान ने बीती रात संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, यदि नवाज शरीफ इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम प्रधानमंत्री आवास में घुस जाएंगे। विपक्षी नेता ने कहा कि उन्होंने शरीफ को इस्तीफा देने के लिए बुधवार की शाम तक का वक्त दिया है।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो | अंतिम अपडेट: बुधवार अगस्त 20, 2014 - 03:12 PM IST
इमरान खान ने नवाज शरीफ दिया अल्टीमेटम, आज शाम तक इस्तीफा नहीं दिए तो PM आवास पर बोलेंगे धावा

ज़ी मीडिया ब्यूरो

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के विपक्षी नेता इमरान खान ने आज शाम तक नवाज शरीफ के सत्ता से नहीं हटने की स्थिति में प्रधानमंत्री आवास पर धावा बोलने की धमकी दी है। सरकार विरोधी हजारों प्रदर्शनकारी भारी सुरक्षा वाले ‘रेड जोन’ में प्रवेश कर चुके हैं और संसद भवन के सामने शिविर स्थापित कर दिया है। खान ने बीती रात संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, यदि नवाज शरीफ इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम प्रधानमंत्री आवास में घुस जाएंगे। विपक्षी नेता ने कहा कि उन्होंने शरीफ को इस्तीफा देने के लिए बुधवार की शाम तक का वक्त दिया है।

इसके पूर्व, पाकिस्तान आवामी लीग तहरीक और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के नेतृत्व वाली रैलियां रेड जोन में प्रवेश कर गईं और संसद भवन के बाहर शिविर स्थापित कर दिया। सरकार, विपक्षी सदस्यों और सेना ने सभी पक्षों से वार्ता के जरिए गतिरोध खत्म करने का आग्रह किया है। रेड जोन की तरफ कूच करने से पहले खान ने अपने समर्थकों से कहा, मुझसे वायदा करो, यदि मुझे कुछ हो जाता है तो आप नवाज शरीफ से बदला लोगे। संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रपति आवास, सुप्रीम कोर्ट और दूतावास परिसर इसी रेड जोन इलाके में स्थित हैं।

सेना की तैनाती से अप्रभावित खान और आवामी तहरीक के मुखिया ताहिर उल कादरी ने शरीफ के इस्तीफे की मांग करते हुए संसद की तरफ कूच किया। पुलिस ने कादरी की आवामी तहरीक के प्रदर्शनकारियों पर उस समय लाठीचार्ज किया जब वे संसद के नजदीक पहुंचे। शुरू में हल्की फुल्की झड़पों के बाद हिंसा से बचने की नीति के तहत पुलिस धीरे-धीरे पीछे हट गई। सरकार के सुरक्षाबलों को हटाने के फैसले के बाद प्रदर्शनकारी कांस्टीट्यूशन अवेन्यू पहुंच गए।

शरीफ की पुत्री मरयम नवाज शरीफ ने बीती देर रात ट्वीट किया, प्रधानमंत्री ने मुझे सिर्फ इतना बताया कि उन्होंने पुलिस को आदेश दिया है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह के बल प्रयोग का इस्तेमाल नहीं करे क्योंकि आगे की लाइनों में महिलाएं और बच्चे हैं।

इंटर सर्विसिज पब्लिक रिलेशंस के प्रवक्ता असीम बाजवा ने ट्वीट किया, रेड जोन में स्थित इमारतें राज्य का प्रतीक हैं और इनकी सुरक्षा सेना द्वारा की जा रही है, इसलिए इन राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, व्यापक राष्ट्रीय एवं जनहित में उपयोगी वार्ता के जरिए मौजूदा गतिरोध के समाधान के लिए सभी पक्षों को धर्य रखने, ज्ञान और दूरदर्शिता दिखाने की आवश्यकता है। खान पिछले साल के चुनाव में कथित धांधली के मुद्दे पर पीएमएल-एन सरकार का इस्तीफा चाहते हैं, जबकि कादरी देश में क्रांति लाना चाहते हैं। खान ने समर्थकों से कहा कि प्रदर्शन के ताजा चरण के लिए वे आज शाम 4 बजे वापस आएं। खान और कादरी ने अलग अलग शुरूआत की लेकिन बाद में संसद की तरफ एक साथ बढ़े।

रेड जोन में पहले कादरी के समर्थक घुसे। कादरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संसद के सामने खुले क्षेत्र में संबोधित किया और कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ के इस्तीफा देने तक वे राजधानी में ही डटे रहें। सूचना मंत्री परवेज राशिद ने जीओ टीवी से कहा कि मार्च से इस लिखित वायदे का उल्लंघन हुआ है कि वे रेड जोन में प्रवेश नहीं करेंगे।

कादरी ने कहा, मेरे समर्थक तब तक नहीं जाएंगे जब तक कि राष्ट्रीय सरकार नहीं बन जाती। अब तक मुद्दे के समाधान के सभी प्रयास विफल साबित हुए हैं क्योंकि खान और कादरी ने कहा है कि वे शरीफ के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।

खान ने अपने नए ट्वीट में कहा, जब अन्याय कानून बन जाता है, तो विरोध करना कर्तव्य हो जाता है। कल हमने नए पाकिस्तान तथा लोकतंत्र के लिए एक बड़ा कदम उठाया। पाकिस्तान के घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी सतर्क है। अमेरिका ने सभी पक्षों से कहा है कि वे हिंसा से बचें और अपने मतभेदों का समाधान शांतिपूर्ण चर्चा के जरिए करें।

अमेरिकी विदेश विभाग की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम इस्लामाबाद में प्रदर्शनों पर नजर रखे हुए हैं। हम सभी पक्षों से हिंसा से बचने और संयम रखने तथा कानून व्यवस्था का पालन करने का आग्रह करते हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने आज एक बयान में कहा, हम लोकतांत्रिक पाकिस्तान तथा राजनीतिक विवादों के समाधान के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं के इस्तेमाल का मजबूती से समर्थन करते हैं। मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान में सभी पक्ष राजनीतिक मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संविधान के तहत मिलकर काम कर सकते हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)