नवाज को पद छोड़ने के लिए कादरी ने दी 48 घंटे की मोहलत

Last Updated: Tuesday, August 26, 2014 - 09:11
नवाज को पद छोड़ने के लिए कादरी ने दी 48 घंटे की मोहलत

इस्लामाबाद : पाकिस्तान का राजनीतिक संकट सोमवार को और गहरा गया जहां मौलाना ताहिर-उल-कादरी ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पद छोड़ने के लिए 48 घंटे का नया अल्टीमेटम दिया है। इससे पहले चुनाव आयोग के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी ने पिछले साल चुनाव में धांधली के प्रदर्शनकारियों के आरोपों का समर्थन किया।

कादरी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख इमरान खान के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग के पूर्व अतिरिक्त सचिव अफजल खान के दावे से उत्साहित होकर सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज कर दी है। अफजल खान का दावा है कि जिस आम चुनाव में शरीफ को जबरदस्त जीत मिली, उसमें धांधली हुई थी।

कादरी ने संसद के बाहर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं नेशनल असेंबली के सदस्यों का आह्वान करता हूं कि मेरी दी गयी मोहलत खत्म होने से पहले सदन छोड़ दें।’ उन्होंने कहा, ‘इस संघर्ष का सारा श्रेय जनता को जाता है।’ कादरी ने हालात के इस कदर बिगड़ने के लिए सत्तारूढ़ पीएमएल-एन को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के 12वें दिन यह ‘इंकलाब’ की शक्ल ले रहा है।

पीएटी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के चयन की प्रक्रिया, चुनाव का तरीका और विधानसभाओं का गठन साफ तौर पर संविधान का उल्लंघन करते हुए किया गया।

कादरी ने कहा, ‘हम पहले दिन से ही सरकार को असंवैधानिक मानते हैं।’ उन्होंने सरकार को 48 घंटे की मोहलत देते हुए कहा कि विधानसभाओं को भंग किया जाए। उन्होंने मॉडल टाउन की घटना, जिसमें उनके 14 समर्थक मारे गये हैं, के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट इसी अवधि में जारी करने की मांग की।
कादरी ने प्रधानमंत्री शरीफ और उनके भाई पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ को गिरफ्तार किये जाने की मांग भी की। एक निजी चैनल को दिये इंटरव्यू में अफजल खान ने आरोप लगाया था कि चुनावी गड़बड़ी में पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी, जस्टिस (सेवानिवृत्त) तसादुक हुसैन जिलानी, जस्टिस (सेवानिवृत्त) रियाज कयानी और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त फखरद्दीन जी इब्राहिम शामिल थे। खान पिछले साल 17 मई को सेवानिवृत्त हुए थे।

कयानी ने आज अफजल खान के इल्जामों को खारिज करते हुए इन्हें गलत और साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि खान ने झूठे आरोप लगाये हैं क्योंकि उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया था।

इमरान खान ने ट्वीट किया, ‘2013 के चुनाव की परतें खुल रहीं हैं और लोग साजिशन की गयी धांधली के सबूत देने आगे आ रहे हैं। इसमें सबसे ताजा मामला अफजल खान का कबूलनामा है।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘लेकिन नवाज शरीफ का इस्तीफा जरूरी है तथा चीजों को जानने वाले और बयान देने की इच्छा रखने वालों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जाए।’ आज सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। गतिरोध को समाप्त करने के लिए तीन दौर की बातचीत नाकाम रही है और आंदोलन को 12 दिन हो गये हैं।

कादरी ने अपने आक्रामक भाषण में कफन का कपड़ा दिखाते हुए कहा कि शरीफ या उनमें से एक को यह ओढ़ना पड़ेगा। कादरी ने 48 घंटे की पहली समयसीमा एक हफ्ते पहले तब दी थी जब उन्होंने लाहौर से इस्लामाबाद तक प्रदर्शनकारियों की अगुवाई की थी।

प्रधानमंत्री शरीफ ने कल कहा था कि विरोध प्रदर्शनों का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सभी संवैधानिक मांगें कबूल कर ली हैं।

सरकार के वार्ताकारों और खान की अगुवाई वाली तहरीक-ए-इंसाफ के बीच कल रात तीसरे दौर की बातचीत भी गतिरोध को समाप्त करने में नाकाम रही।

भाषा

First Published: Tuesday, August 26, 2014 - 09:11
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