टॉर्गेट पूरा न करने पर यहां मिलती है खतरनाक सजा, पीना पड़ता है पेशाब और खाने पड़ते हैं कॉकरोच

अपेक्षा के अनुरुप काम न कर पाने वाले चीनी कर्मचारियों को ऐसी भयावह सजा दे रही है कि मानवता भी शर्मसार हो जाए

टॉर्गेट पूरा न करने पर यहां मिलती है खतरनाक सजा, पीना पड़ता है पेशाब और खाने पड़ते हैं कॉकरोच
इन अमानवीय हरकतों के अलावा कंपनी ने कर्मचारियों की 1 महीने की सैलरी पर भी रोक लगाई है (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: अब तक आपने कंपनियों द्वारा सेट टॉर्गेट न पूरा कर पाने वाले कर्मचारियों को सजा के तौर पर इंसेंटिव, इंक्रीमेंट और प्रमोशन रोकने की खबरें पढ़ी और सुनी होंगी. लेकिन, चीन की एक कंपनी ने इस मामले में सारी हदें पार कर दी हैं. जानकारी के मुताबिच चीन की एक कंपनी, जो घर संवारने का काम करती है, अपनी अपेक्षा के अनुरुप काम न कर पाने वाले चीनी कर्मचारियों को ऐसी भयावह सजा दे रही है कि मानवता भी शर्मसार हो जाए. जी हां, चीन की गुईझोऊ कंपनी में कर्मचारियों के लिए सजा सिर्फ पेशाब पीने और कॉकरोच खिलाने तक ही सीमित नहीं बल्कि यहां उनकी बेल्टों से पिटाई भी की जाती है. यहीं नहीं सजा के तौर पर ही कुछ कर्मचारियों को सिर मुंडवाने और टॉयलेट के मग से पानी पीने की सजा भी भुगतनी पड़ी.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
रॉयटर्स द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इन अमानवीय हरकतों के अलावा कंपनी ने कर्मचारियों की 1 महीने की सैलरी पर भी रोक लगाई है. यह मामला चीन के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कंपनी की इस बेहूदा हरकत की तस्वीरें और वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म पर तैर रहे हैं. इस मामले कि खास बात यह है कि कर्मचारियों को यह सजा पूरे ऑफिस स्टॉफ के सामने दी जाती है. खबर में आगे यह भी बताया गया है कि जो कर्मचारी सही तरह से फॉर्मल ड्रेस में तैयार होकर ऑफिस नहीं आते या फिर चमड़े के जूते पहनना भूल जाते हैं उन पर 50 यूआन (522 रुपये) का जुर्माना भी लगाया जाता है. 

तीन मैनेजरों को हुई 5 से 10 दिन की जेल
स्टेट मीडिया के मुताबिक कंपनी में कर्मचारियों पर किया गया यह अपराध सफेद पर्ची में दर्ज किया गया था, लेकिन ज्यादातर कर्मचारियों ने दंड के बावजूद वहीं काम पर बने रहने का फैसला किया. स्थानीय सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट के मुताबिक, कंपनी के तीन प्रबंधकों को दूसरों को अपमानित करने के आरोप में पांच से 10 दिन के लिए जेल भी भेजा गया था.

चीन में मजदूरों को करनी पड़ती है कड़ी मेहनत
चीन में मजदूरों की विषम परिस्थितियों को लेकर अक्सर आवाज बुलंद होती रहती है. चीन में मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने वालों के मुताबिक वहां मजदूरों को अपेक्षाकृत कठोर श्रम, अक्षम्य गलती, ज्यादा घंटे काम, छोटे-छोटे क्वार्टर में रहना और कम मजदूरी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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