ये आसिया बीबी कौन हैं, पाकिस्तान की कोर्ट ने फांसी के फंदे से क्यों बचाई इनकी गर्दन?

पाकिस्तान के पंजाब प्रेविंस में रहने वाली 47 वर्ष की आसिया बीबी 5 बच्चों की मां है. मूल रूप से ईसाई धर्म को मानने वाली आसिया बीबी की कहानी भी एक आम महिला की तरह ही है.

ये आसिया बीबी कौन हैं, पाकिस्तान की कोर्ट ने फांसी के फंदे से क्यों बचाई इनकी गर्दन?
फाइल फोटो

नई दिल्ली : पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने ईसाई महिला आसिया बीबी को ईशनिंदा के एक मामले में बरी कर दिया है. पैंगबर मोहम्मद का अपमान करने के आरोप में सजा काट रही आसिया को निचली अदालत और हाईकोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. पिछले 8 सालों से पाकिस्तान की जेल में बंद आसिया को सुप्रीम कोर्ट से रिहाई मिलने के बाद पूरे देश में हिंसा का माहौल है. 

5 बच्चों की मां है आसिया बीबी
पाकिस्तान के पंजाब प्रेविंस में रहने वाली 47 वर्ष की आसिया बीबी 5 बच्चों की मां है. मूल रूप से ईसाई धर्म को मानने वाली आसिया बीबी की कहानी भी एक आम महिला की तरह ही है. जो सुबह सूरज के उगने से पहले उठती है और घर के सारे कामों को निपटाती हैं. उनसे गलती हुई तो बस ये कि ईसाई होते हुए उन्होंने मुस्लिम बहुल देश में पैगम्बर मोहम्मद के ऊपर अपनी सोच या विचारों को रखा. 

पूरे पाकिस्तान ने किया विरोध
कथित तौर पर आसिया द्वारा पैगम्बर मोहब्बद को कहे अपशब्द की बात कब एक कस्बे से प्रदेश और फिर पूरे राज्य में फैल गई, किसी को नहीं पता. जब तक आसिया बातों को संभाल पाती या फिर लोगों के सामने अपना पक्ष रख पाती उनके खिलाफ पुलिस में चार्टशीट दायर हो चुकी थी. कोर्ट में आसिया के खिलाफ एक दो नहीं बल्कि 5 गवाह पेश किए गए. उनके घर, बच्चों पर लोगों ने विरोध किए. 

पुलिस ने दर्ज किया मामला
आसिया बीबी के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया. मामला दर्ज होने के आसिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में पेशी के दौरान अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ एक या दो नहीं बल्कि पूरे 7 गवाह को पेश किया. सुबूत तो नहीं थे, लेकिन गवाहों के बयान के मद्देनजर आसिया को आरोपी मनाया गया. इसके बाद हुई सुनवाई के बाद 2010 में आसिया को कोर्ट ने पैंगबर मोहम्मद का अपमान करने के आरोप में दोषी माना.

सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी
आसिया बीबी को 31 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरी करार देकर रिहा करने का आदेश दिए. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसके अलावा आसिया पर किसी भी तरह का कोई मामला दर्ज नहीं है, इसलिए उन्हें रिहा किया जाता है. पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के फैसले को इतिहास के पन्नों में संजोया जाएगा, क्योंकि यह पहला मौका होगा जब पूरा देश किसी महिला के खिलाफ खड़ा हो और सिर्फ कोर्ट उसे न्याय दिलाने पर अड़ गया हो. आसिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि आसिया के खिलाफ ईशनिंदा के आरोप साबित नहीं हो सके थे, इसलिए उन्हें पुलिस की कैद में नहीं रखा जा सकता है.

पाकिस्तान छोड़ चुकी हैं आसिया!
रिपोर्टों के अनुसार वह एक विमान पर सवार होकर पाकिस्तान से जा चुकी है लेकिन वह कहाँ गयी यह अभी साफ नहीं है. रिहा किये जाने का आदेश पंजाब के मुल्तान जेल में बुधवार देर रात आया जहां आसिया को कैद किया गया था.  आसिया बीबी के पति असिक मसीह ने अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और इटली में अपने परिवार के लिए शरण की याचना की है यह कहते हुए कि पाकिस्तान में उनका रहना बहुत खतरनाक हो सकता है. विदेश मंत्री के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने फ्रांस प्रेस से कहा कि महिला अब भी पाकिस्तान में है.  

इटली से सहायता की मांग 
आसिया बीबी के बरी किये जाने पर व्यापक प्रदर्शन हुए थे. पाकिस्तान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए एक समझौता की घोषणा की थी जिसके अनुसार वह आसिया बीबी को देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं देगी. इस्लामिक चरमपंथियों ने प्रदर्शन के अंत की घोषणा इस शर्त पर की थी कि यदि समझौते को लागू नहीं किया गया तो वे फिर से प्रदर्शन करेंगे.  

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