11 सितंबर: अमेरिकी इतिहास का वो काला दिन, जब आतंकियों ने दुनिया की सबसे ऊंची इमारत को जमींदोज कर दिया

9 सितंबर 2001 का दिन अमेरिका के लिए काला दिन कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा. 

आशु दास | Sep 11, 2018, 13:23 PM IST

2001 को 11 सितंबर के दिन आतंकवादियों ने यात्री विमानों को मिसाइल की तरह इस्तेमाल करते हुए अमेरिका के विश्वप्रसिद्ध वर्ल्ड ट्रेड टॉवर और पेंटागन को निशाना बनाया था. 

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आतंकवाद पर सोचने पर किया मजबूर

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जल, थल और वायु तक में सुरक्षा का पहरा रखने वाले अमेरिका पर इस तरह से आतंकवादी हमला करेंगे, इसकी कल्पना भी शायद किसी ने नहीं की थी. अमेरिका के इतिहास में हुए इस हमले ने सारी दुनिया को हिलाकर रख दिया और सबको आतंकवाद के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया. कहा जाता है कि आतंकी संगठन अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया था. 

 

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19 आतंकवादियों ने किया था विमान को हाईजैक

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में इस तरह की घटना को अंजाम देने के लिए 19 आतंकवादियों के गैंग ने 4 विमानों को हाईजैक किया था. इन 4 विमानों में से 2 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को बर्बाद करने का काम सौंपा गया था. 11 सितंबर को जिस वक्त वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर पहला हमला हुआ था, उस वक्त लोगों को लगा था कि यह एक हादसा है, लेकिन इस हमले के तुरंत बाद हुए हमले ने सभी को एहसास दिलाया कि अमेरिका आतंकवाद की चपेट में आ गया है. टावर में काम कर रहे लोग खुद को बचाने के लिए दौड़ पड़े, जिसके कारण अफरा-तफरी मच गई. 

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ट्रेड सेंटर के बाद पेंटागन बना निशाना

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जब तक अमेरिकी प्रशासन ट्रेड सेंटर में क्या हुआ इसको समझ पाता, तब तक वॉशिंगटन के रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन पर हमले की जानकारी आई. अमेरिका में हुए इस हमले में 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में हुए उस आतंकी हमले में लगभग 90 देशों के नागरिकों की अकाल मृत्यु हुई थी. 

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ओमाबा बिन लादेन के निशाने पर था व्हाइट हाउस

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इस हमले के बाद खबर आई थी कि इस हमले के पीछे आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का हाथ था. रक्षा विशेषज्ञों ने इस बात को माना था कि ओसामा के निशाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस था. कहा जाता है कि इस हमले के बाद अमेरिका ने ओसामा को खोजने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगाया था और 2011 के मई में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मार गिराया था. 

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19 अप्रैल, 1995 में भी अमेरिका बना निशाना

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वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर से पहले ओक्‍लाहोमा सिटी बमबारी को अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी आतंकी घटना माना गया. 19 अप्रैल, 1995 को टिमोथी मैकवे नामक शख्‍स ने विस्फोटकों से भरे ट्रक को अल्फ्रेड पी. मुरे फेडरल बिल्डिंग के बाहर उड़ा दिया था. उस घटना में 186 मारे गए और 500 से भी ज्‍यादा घायल हुए. टिमोथी खाड़ी युद्ध में अमेरिका की तरफ से जंग लड़ चुका था और अमेरिकी मिलिशिया आंदोलन का समर्थक था. 2001 में उसे मौत की सजा दी गई. (फोटो साभार : ट्विटर/@fvraz_muhammad)

 

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