आरुषि मर्डर केस : तस्वीरों के साथ समझिए कब क्या हुआ ?

Oct 12, 2017, 07:03 PM IST
14-year-old Aarushi Talwar found dead with her throat slit in the bedroom of her home in Noida. Domestic help Hemraj, a Nepali, suspected of murder
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16 मई 2008 : आरुषि तलवार अपने बेडरूम में मृत पाई गई. हत्या का शक घरेलू सहायक हेमराज पर 17 मई 2008 : हेमराज का शव उस इमारत की छत पर पाया गया जिसमें तलवार का फ्लैट है. 19 मई 2008 : तलवार के पूर्व घरेलू सहायक विष्णु शर्मा को संदिग्ध माना गया.

Family under suspicion, probe begins on honour killing angle, the police quiz Aarushi`s close friend whom she spoke to 688 times in the 45 days preceding her murder
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23 मई 2008: आरुषि के पिता राजेश तलवार को मुख्य आरोपी बताकर गिरफ्तार किया गया. 01 जून 2008: मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथों में ली. 

CBI declares the case to be a
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13 जून 2008 : सीबीआई ने तलवार के घरेलू सहायक कृष्णा को गिरफ्तार किया. 26 जून 2008 : सीबीआई ने मामले को सुराग विहीन बताया. गाजियाबाद के विशेष मेजिस्ट्रेट ने राजेश तलवार को जमानत देने से इनकार कर दिया.  

The Supreme Court rejects a PIL which challenged the conduct of narco-analysis test on the accused
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12 जुलाई 2008 : राजेश तलवार को जमानत दी गई. 29 दिसंबर 2008: सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट जमा की, जिसमें घरेलू सहायकों को क्लीन चीट दिया गया लेकिन माता-पिता की तरफ ऊंगली उठाई.

CBI moves court to conduct narco test on Talwar couple
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9 फरवरी, 2011: अदालत ने सीबीआई रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह आरुषि के माता-पिता पर लगाए गए हत्या और सबूत मिटाने के अभियोजन के आरोप को लेकर मामला जारी रखें.   

Couple approaches the Allahabad High Court for quashing trial court summons
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21 फरवरी 2011: तलवार दंपत्ति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय से निचली अदालत द्वारा जारी किए गए सम्मन को खारिज करने के लिए संपर्क किया. 18 मार्च 2011: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी.

Talwar couple convicted by a special CBI court in Ghaziabad, sent to Dasna jail.
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नवंबर, 2013: राजेश और नुपूर तलवार को दोहरी हत्या का दोषी करार देते हुए सीबीआई की एक विशेष अदालत ने गाजियाबाद में उन दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

Talwar couple move to Allahabad High Court against CBI court`s order of life term
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7 सितंबर, 2017: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पीठ ने माता-पिता की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा और 12 अक्टूबर को फैसले की तारीख दी.

Allahabad High Court reserves its judgment on the Talwar`s appeal, challenging their conviction by a CBI court in Novemver 2013
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12 अक्टूबर, 2017: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरुषि के माता-पिता को बरी किया. राजेश तलवार और नूपुर तलवार को बरी करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की जांच में कई खामियां हैं. इसलिए संदेह का लाभ देते हुए तलवार दंपति को बरी किया जाता है.  (इनपुट - भाषा)