PICS : ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 'तितली' का कहर, ऐसे छीना लाखों लोगों का आशियाना

बेहद गंभीर चक्रवात तितली ने गुरुवार तड़के ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर में दस्तक दी. इस दौरान हवा की रफ्तार 126 किलोमीटर प्रति घंटा थी. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Oct 11, 2018, 10:53 AM IST

भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एच आर बिस्वास ने बताया, "तूफान के जमीन पर दस्तक देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह ओडिशा तट को एक या दो घंटों में पूरी तरह से पार कर जाएगा. 

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गोपालपुर में चल रही हैं तेज हवाएं

The winds are blowing in Gopalpur

यह गोपालपुर के पास से जाएगा." आईएमडी ने कहा, "तूफान की आंख सरीखे दिखने वाले हिस्से का आगे का क्षेत्र भूखंड (लैंडमास) में प्रवेश कर रहा है." ओडिशा के गोपालपुर में सतह पर हवा की रफ्तार 126 किमी प्रति घंटे थी जबकि आंध्र प्रदेश के कलिंगपत्तनम में इसकी रफ्तार 56 किमी प्रति घंटे दर्ज की गई.

 

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इन जिलों में हो रही है तेज बारिश

Rapid rains in these districts

चक्रवात के दस्तक देने के बाद तितली के प्रभावस्वरूप ओडिशा के गंजम, गजपति, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर जैसे पांच जिलों में तेज हवा के साथ अच्छी वर्षा हो रही है. विश्वास ने कहा कि बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान (वीएससीएस), 'तितली' की निगरानी विशाखापत्तनम, गोपालपुर और पारादीप स्थित तटीय डॉप्लर मौसम रडार द्वारा की जा रही है. ताजा अवलोकनों से संकेत मिलता है कि पश्चिम-केंद्रीय बंगाल की खाड़ी के ऊपर से 'तितली' तूफान पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 19 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा.

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प्रशासनिक अधिकारियों ने तटों को कराया खाली

Administrative officials cut down on shores

जमीन पर दस्तक देने के बाद तूफान के धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व में फिर से वक्र करके ओडिशा को पार करके गंगा से लगे पश्चिम बंगाल के हिस्से की तरफ बढ़ने और फिर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है. अधिकारियों ने कहा कि तूफान से पेड़ और बिजली के खंभों के उखड़ने और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. गोपालपुर और ब्रह्मपुर सहित कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है. वहीं, ओड़िशा और आंध्रप्रदेश के कुछ तटों को खाली कराया गया है. 

 

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सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए तीन लाख लोग

Three lakh people sent to safe places

इस बीच, ओडिशा सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए अपने तंत्र को तैयार रखा है. राज्य सरकार ने पहले ही पांच तटीय जिलों में चक्रवात के आगमन से पहले निचले क्षेत्रों और कच्चा मकानों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है. 

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12 और 13 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल हो सकता है प्रभावित

West Bengal may be affected on October 12 and 13

अधिकारी ने कहा, "चक्रवाती तूफान की वजह से 10 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल के जिलों में मध्यम दर्जे से लेकर भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय जिलों जैसे पूर्व व पश्चिम मिदनापुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली और हावड़ा में भारी बारिश होने की संभावना है." मौसम कार्यालय के अनुसार, कोलकाता और हावड़ा में 12 व 13 अक्टूबर को अत्यधिक बारिश हो सकती है.

 

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पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट जारी

Alerts continue in West Bengal

विभाग ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा के तटों और उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को 13 अक्टूबर तक नहीं जाने की सलाह दी है. अधिकारी ने कहा, "14 अक्टूबर से आसमान साफ रहेगा, जिसका मतलब है कि 15 से 19 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा उत्सव में मौसम अच्छा रहेगा."

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