मिलिए, 'बहादुर' सौम्या स्वामीनाथन से जिन्होंने हिजाब की वजह से ईरान में खेलने से किया इनकार

ईरान में अनिवार्य रूप से सिर पर स्कार्फ (हिजाब) पहनने की अनिवार्यता की वजह से भारतीय खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन ने शतरंज चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है. भारत की नंबर 5 महिला शतरंज खिलाड़ी 29 वर्षीय सौम्या के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है.

Jun 13, 2018, 12:41 PM IST

ईरान में अनिवार्य रूप से सिर पर स्कार्फ (हिजाब) पहनने की अनिवार्यता की वजह से भारतीय खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन ने शतरंज चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है. भारत की नंबर 5 महिला शतरंज खिलाड़ी 29 वर्षीय सौम्या के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है.

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Soumya Swaminathan, Chess Championship, Iran

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ईरान में अनिवार्य रूप से सिर पर स्कार्फ (हिजाब) पहनने की अनिवार्यता की वजह से भारतीय खिलाड़ी सौम्या स्वामीनाथन ने शतरंज चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है. भारत की नंबर 5 महिला शतरंज खिलाड़ी 29 वर्षीय सौम्या के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है. सोशल मीडिया पर सौम्या को भारत की बहादुर बेटी कहा जा रहा है. यह प्रतियोगिता 26 जुलाई से 4 अगस्त तक ईरान के हमदान में आयोजित होने वाली है, लेकिन हिजाब की अनिवार्यता की वजह से सौम्या ने इस चैंपियनशिप में नहीं जाने का फैसला लिया है. 

 

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Soumya Swaminathan, Chess Championship, Iran

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भारत की शतरंज स्टार सौम्या स्वामीनाथन को ईरान के हमदान में होने वाले एशियन नेशनल कप चैस चैंपियनशिप में भाग लेना था. ईरान में होने वाली इस चैंपियनशिप में सभी महिलाओं के लिए यह नियम है कि वे सिर पर स्कार्फ पहन कर ही खेल सकती हैं. सौम्या ने इस नियम को उनके निजी अधिकारों का उल्लंघन बताया और इस इवेंट में हिस्सा लेने से इंकार कर दिया. 

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Soumya Swaminathan, Chess Championship, Iran

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सौम्या स्वामीनाथन महिला ग्रैंडमास्टर और पूर्व जूनियर गर्ल्स चैस चैंपियन रह चुकी हैं. सौम्या ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट भी लिखा. सौम्या ने कहा कि विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करना बहुत ही गौरव की बात है. मुझे अफसोस है कि मैं ईरान नहीं जा रही हैं, लेकिन कुछ चीजों के साथ समझौता नहीं किया जा सकता. 

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Soumya Swaminathan, Chess Championship, Iran

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सौम्या ने कहा कि एक खिलाड़ी खेल को अपनी जिंदगी में सबसे पहले रखता है और इसके लिए कई तरह के समझौते करता है लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनके साथ समझौता नहीं किया जा सकता. ईरान में होने वाले इस टूर्नामेंट में महिलाओं से सिर पर स्कार्फ पहने के लिए कहा जा रहा है. मैं नहीं चाहती कि कोई हमें स्कार्फ या बुर्का पहनने के लिए बाध्य करे.

 

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सौम्या ने लिखा- मैंने पाया कि ईरान में सिर पर अनिवार्य स्कार्फ या बुर्का का नियम मेरे मानवीय अधिकारों का खासतौर पर फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन, फ्रीडम ऑफ थॉट, मेरी चेतना और मेरे धर्म का उल्लंघन है. इस स्थिति में अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मेरे पास एक ही रास्ता बचा था कि मैं ईरान न जाऊं. 

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सौम्या स्वामीनाथन ने यह भी कहा कि आयोजकों की नजर में नेशनल टीम के लिए ड्रेस कोड लागू करना गलत है. खेलों में किसी तरह का धार्मिक ड्रेस कोड लागू नहीं किया जा सकता. सौम्या के नाम वापस लेने के बाद अब डी.हरिका और पदमिनी राउत अब एशियन चेस टीम चैम्पियनशिप में भारतीय की ओर से शामिल होंगी. ईरान में यह प्रतियोगिता जीतने वाली टीम वर्ल्ड टीम चेस चैम्पियनशिप के लिए क्वालिफाई करेगी. (सभी तस्वीरें: सौम्या स्वामीनाथन के फेसबुक से साभार)

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