दुनिया में हर साल आठ लाख से अधिक लोग करते हैं सुसाइडः डब्लूएचओ

 रिपोर्ट के आत्महत्या करने वाले लोगों में सबसे अधिक 15 से 29 वर्ष की आयु वाले लोग होते हैं. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Sep 12, 2018, 11:07 AM IST

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने हाल ही में दुनियाभर में लोगों द्वारा आत्महत्याओं को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके मुताबिक दुनियाभर में हर साल करीब आठ लाख लोग आत्महत्या करते हैं. जिनमें से करीब 21 प्रतिशत लोगों के आत्महत्या के पीछे का कारण मानसिक तनाव होता है. रिपोर्ट के आत्महत्या करने वाले लोगों में सबसे अधिक 15 से 29 वर्ष की आयु वाले लोग होते हैं. सोमवार को सुसाइड प्रिवेंशन डे के मौके पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने यह रिपोर्ट जारी करते हुए लोगों को आत्महत्या के बारे में जानकारी दी और बताया कि कैसे लोग अपने आस-पास की छोटी-छोटी समस्याओं से घबरा जाते हैं और मौत को गले लगा लेते हैं.

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सुसाइड की वजह

Reason of Suicide

लोगों के आत्महत्या करने के आंकड़ों के साथ ही WHO ने इसके कारणों पर भी चर्चा की और बताया कि वह क्या वजहें हैं जो किसी को सुसाइड करने पर मजबूर कर देती हैं.

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विकासशील देशों में आत्महत्या के मामले अधिक

Suicide rate in Developing countries

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में आत्महत्या करने वालों में ज्यादातर ऐसे लोग शामिल थे, जो निम्न और मध्यम आय वाले देश से संबंध रखते थे. मतलब विकसित देशों की तुलना में विकासशील देशों के लोग अधिक आत्महत्या कर रहे हैं.

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21 प्रतिशत आत्महत्याएं भारत में

21 Percent Suicide case in India

रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में आत्महत्या के केस में करीब 21 प्रतिशत आत्महत्याएं भारत में होती हैं. भारत में आत्महत्या की दर सबसे अधिक पाई गई.

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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो

National crime report bureau

बता दें इससे पहले नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के तुलनात्मक आंकडों में भी भारत में आत्महत्या की दर विश्व आत्महत्या के मुकाबले अधिक बताई गई थी.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन

World health organisation

भारत में 37 फीसदी आत्महत्या करने वालों की उम्र 30 वर्ष से कम थी. जिनमें से 1.58 लाख लोगों में से 1 लाख महिलाएं थीं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक आबादी की प्रतिशत के लिहाज से गुयाना, कोरिया और दक्षिण कोरिया के हालात भी काफी चिंताजनक हैं.

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आत्महत्या

Suicide

यहां एक लाख की आबादी पर क्रमशः 44.2, 38.5 और 28.9 प्रतिशत रही. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वर्ष 2012 में करीब 258075 लोगों ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी.

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आत्महत्या के मामले

Case of Suicide

जिनमें से करीब 1 लाख महिलाएं थीं. वहीं लोगों द्वारा आत्महत्या के मामले में 2012 से लेकर 2018 तक में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

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पहला स्थान महाराष्ट्र

Maharashtra in first position in suicide case

भारत में आत्महत्याओं के मामलों में पहला स्थान महाराष्ट्र का है. महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.

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