बीजेपी और शिवसेना के 'सपोर्ट' से इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को मिली जीत

महाराष्ट्र की सिसायत में ऐसा पहली बार हुआ है कि धुर विरोधी बीजेपी और शिवसेना ने कांग्रेस का 'समर्थन' किया हो. 

बीजेपी और शिवसेना के 'सपोर्ट' से इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को मिली जीत
कांग्रेस ने विश्वजीत कदम को निर्विरोध जितवाने के लिए कई पार्टियों से समर्थन मांगा था.

सांगली: पलूस कड़ेगांव विधानसभा सीट के उपचुनाव में सोमवार को ऐन मौके पर बीजेपी उम्मीदवार संग्राम सिंह देशमुख और आठ अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने से कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए. हालांकि इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है. शिवसेना ने इस चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया था. महाराष्ट्र की सिसायत में ऐसा पहली बार हुआ है कि धुर विरोधी बीजेपी और शिवसेना ने कांग्रेस का 'समर्थन' किया हो. 

सांगली जिले के अंतर्गत आने वाली पलूस कड़ेगांव विधानसभा सीट राज्य के पूर्व मंत्री पतंगराव कदम के निधन के कारण खाली हुई थी. उनके बेटे विश्वजीत कदम को कांग्रेस ने मैदान में उतारा था. उन्हें अब अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम के कारण निर्विरोध चुन लिया गया है. पलूस कडेगांव विधानसभा सीट पर 28 मई को उपचुनाव होना है. मतगणना 31 मई को होगी. 

रंग लाई कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस ने विश्वजीत कदम को निर्विरोध जितवाने के लिए कई पार्टियों से समर्थन मांगा था. कांग्रेस ने शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी से समर्थन मांगा था. एनसीपी ने कांग्रेस की बात मान ली. बाद में बीजेपी को तगड़ा झटका देते हुए शिवसेना ने भी कांग्रेस का समर्थन कर दिया. शिवसेना ने बीजेपी को भी इस सीट पर उम्मीदवारी पेश नहीं करनी की हिदायत दी थी. पार्टी का कहना था कि यही पतंगराव कदम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि उनके खिलाफ प्रत्याशी न खड़ा किया जाए.  बीजेपी नहीं मानी और संग्राम सिंह देशमुख ने शक्ति प्रदर्शन के साथ मैदान में उतार दिया. अब बीजेपी प्रत्याशी ने भी अपनी दावेदारी वापस ले ली है. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी ने दी सफाई
नामांकन वापस लेने की आज अंतिम तारीख थी. महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने प्रत्याशी संग्राम सिंह देशमुख के नामांकन वापस लेने की घोषणा की. उन्होंने नामांकन वापस लेने पर सफाई देते हुए कहा कि डॉ. पतंगराव कदम राज्य के वरिष्ठ नेता थे. इसलिए हम अपना प्रत्याशी वापस ले रहे हैं. 

 

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